Mau Rail News: गोरखपुर को सीधे मऊ से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित सहजनवां–दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस रेल मार्ग पर मऊ जिले में एक नए रेलवे स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने परियोजना के पहले चरण में गोरखपुर जिले के अंतर्गत आने वाले […]
Mau Rail News: गोरखपुर को सीधे मऊ से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित सहजनवां–दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस रेल मार्ग पर मऊ जिले में एक नए रेलवे स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने परियोजना के पहले चरण में गोरखपुर जिले के अंतर्गत आने वाले आठ रेलवे स्टेशनों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
परियोजना के दूसरे और तीसरे चरण में शेष स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। मऊ जिले में प्रस्तावित न्यू दोहरीघाट रेलवे स्टेशन के लिए बुढ़ावल गांव में भूमि चिह्नित की गई है। इसी तरह पिपरौली स्टेशन सहजनां, खजनी स्टेशन छताई, उनवल स्टेशन बढ़नी, बैदौली बाबू स्टेशन बैदौली बाबू, बांसगांव स्टेशन मंझगांवा, ऊरुवा बाजार स्टेशन गौरखास, बनवारपार स्टेशन बाथखुर्द, गोला बाजार स्टेशन रीमा, भरौली स्टेशन मरचीयार बुजुर्ग तथा बड़हलगंज स्टेशन तिहा मोहम्मदपुर में बनाए जाने का प्रस्ताव है।
इन स्टेशनों पर स्टेशन भवन के साथ प्लेटफॉर्म, स्टाफ क्वार्टर, ओवरहेड टैंक, सर्कुलेटिंग एरिया और संपर्क मार्गों का निर्माण किया जाएगा। स्टेशन संबंधी निर्माण कार्यों के लिए कुल 152.17 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इसके अलावा 81.17 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने के लिए 1320 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। सहजनवां–दोहरीघाट रेल लाइन के पूर्ण होने से गोरखपुर से वाराणसी, छपरा और प्रयागराज के लिए एक वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध हो जाएगा। इससे दक्षिणांचल क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की संभावना है।
81.17 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन और 11 स्टेशनों का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में सहजनवां से बांसगांव तक 32.95 किमी, दूसरे चरण में बांसगांव से बड़हलगंज तक 36.80 किमी और तीसरे चरण में बड़हलगंज से न्यू दोहरीघाट (बुढ़ावल) तक 11.42 किमी रेल लाइन बिछाई जाएगी।
रेल लाइन परियोजना के लिए 112 गांवों की कुल 403.29 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। सहजनवां से बांसगांव तक पहले चरण की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि शेष चरणों के लिए अधिग्रहण अंतिम दौर में है।
इस रेल परियोजना के अंतर्गत सरयू नदी पर लगभग 1200 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा दो उपरिगामी पुल, 15 अंडरपास, 11 बड़े पुल और 47 छोटे पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। पुलों और अंडरपास के निर्माण की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है।