मऊ जिले को गोरखपुर से जोड़ने वाले दोहरीघाट - बड़हलगंज पुल पर भारी वाहनों के आने जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। चूंकि यह पुल काफी पुराना हो गया है, और राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए नए पुल का निर्माण भी हो चुका है,इसलिए इस पुराने पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। आपको बता दें कि मऊ और गोरखपुर के बीच बहने वाली घाघरा नदी पर आवागमन लिए एकमात्र विकल्प पुराना पुल ही था। नया राष्ट्रीय राजमार्ग बनने पर अब एक दूसरे पुल का निर्माण भी किया जा चुका है।
मऊ जिले को गोरखपुर से जोड़ने वाले दोहरीघाट - बड़हलगंज पुल पर भारी वाहनों के आने जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। चूंकि यह पुल काफी पुराना हो गया है, और राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए नए पुल का निर्माण भी हो चुका है,इसलिए इस पुराने पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। आपको बता दें कि मऊ और गोरखपुर के बीच बहने वाली घाघरा नदी पर आवागमन लिए एकमात्र विकल्प पुराना पुल ही था। नया राष्ट्रीय राजमार्ग बनने पर अब एक दूसरे पुल का निर्माण भी किया जा चुका है। नए पुल को आवागमन के लिए पूरी तरह खोल भी दिया गया है।
नए पुल के निर्माण के समय इस पुराने पुल पर काफी जाम लगता था। कई कई घंटे लोग इस जाम में फंसे रह जाते थे। नए पुल के खुलने से जाम की समस्या काफी कम हो गई है।
पुराने पुल पर हल्के वाहनों का आवागमन जारी रहेगा जिससे जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी।