मऊ

Mau News: 87 लाख के गबन में बिजली विभाग के बाबू को 5 साल की सज़ा, मचा हड़कंप

भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने बिजली विभाग के स्टोर में तैनात सहायक भंडारी को गबन का दोषी मानते हुए 5 वर्ष की जेल और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है।
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Jan 03, 2026
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Mau News: मऊ में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने बिजली विभाग के स्टोर में तैनात सहायक भंडारी जितेंद्र पांडेय को गबन का दोषी मानते हुए 5 वर्ष की जेल और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। खास बात यह है कि अदालत ने इस मामले का निपटारा केवल 17 महीने 10 दिन में कर दिया।


जांच में सामने आया कि वर्ष 2019 में विद्युत भंडार केंद्र पर कार्यरत सहायक भंडारी ने विभागीय सामग्री के लेन-देन में अनियमितता कर भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया था। वाराणसी और आजमगढ़ मंडल के अधीक्षण अभियंताओं की संयुक्त जांच में 87 लाख 26 हजार 846 रुपये 43 पैसे के गबन की पुष्टि हुई।

अभियंता का 2023 में हुआ था निलंबन


सहायक अभियंता विद्युत भंडार केंद्र मऊ की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को 6 जुलाई 2023 को निलंबित किया गया और एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की गई। इसके बाद कोतवाली थाना में आईपीसी की धारा 409 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेज सुनवाई की और करीब 1 वर्ष 5 महीने में फैसला सुना दिया।


अभियोजन अधिकारी के अनुसार, यदि जुर्माना जमा नहीं किया जाता तो 3 महीने की अतिरिक्त जेल होगी। वहीं, जेल में बिताई गई 2 वर्ष 3 दिन की अवधि को मुख्य सजा में जोड़ा जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों और आम लोगों ने इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ न्यायपालिका की सख्ती और तेज न्याय का मजबूत संदेश बताया है।

Updated on:
03 Jan 2026 07:50 pm
Published on:
03 Jan 2026 07:41 pm