मऊ जनपद के घोसी स्थित दी किसान सहकारी चीनी मिल में तैनात प्रधान प्रबंधक (जीएम) महेंद्र प्रताप का तबादला कर दिया गया है। यह आदेश गन्ना किसानों के दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन की समाप्ति के कुछ ही घंटों बाद सोमवार देर शाम जारी हुआ। जारी आदेश के अनुसार महेंद्र प्रताप को उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स […]
मऊ जनपद के घोसी स्थित दी किसान सहकारी चीनी मिल में तैनात प्रधान प्रबंधक (जीएम) महेंद्र प्रताप का तबादला कर दिया गया है। यह आदेश गन्ना किसानों के दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन की समाप्ति के कुछ ही घंटों बाद सोमवार देर शाम जारी हुआ।
जारी आदेश के अनुसार महेंद्र प्रताप को उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड के मुख्यालय, लखनऊ से संबद्ध किया गया है। यह स्थानांतरण आदेश संघ की प्रबंध निदेशक ईशा दुहन की ओर से निर्गत किया गया। आदेश में तबादले का कारण प्रशासनिक आवश्यकता बताया गया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि इसे स्वतः कार्यमुक्ति आदेश मानते हुए संबंधित अधिकारी तत्काल नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें।
उल्लेखनीय है कि घोसी चीनी मिल को बंद किए जाने के निर्णय के विरोध में गन्ना किसानों और किसान नेताओं ने दो दिनों तक धरना दिया था। किसानों ने मिल को चालू रखने और बकाया गन्ने की पेराई सुनिश्चित करने की मांग उठाई थी। सोमवार को ही वार्ता के बाद धरना समाप्त हुआ था।
धरना समाप्त होने के तुरंत बाद हुए इस तबादले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। आंदोलन से जुड़े किसान इसे अपनी एक बड़ी सफलता के रूप में देख रहे हैं। वहीं, मिल प्रबंधन से जुड़े कुछ पदाधिकारी इसे प्रशासनिक स्तर पर की गई नियमित कार्रवाई बता रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि धरने के दौरान प्रधान प्रबंधक की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन के अनुसार मिल का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा या शेष गन्ने को सठियांव चीनी मिल भेजा जाएगा। फिलहाल, किसानों और संबंधित पक्षों के बीच स्थिति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।