मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र में एक ग्राम प्रधान पर गंभीर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा है। सलेमपुर गांव की निवासी एक युवती की तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्रधान रामनरेश यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि प्रधान ने शादी का फर्जी प्रमाणपत्र युवती के परिजनों और रिश्तेदारों के मोबाइल पर भेजकर उसे मानसिक रूप से परेशान किया और शादी तुड़वाने की साजिश रची। पीड़िता वाराणसी में रहकर सरकारी नौकरी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। तहरीर के अनुसार, ग्राम प्रधान लंबे समय से उसे फोन कर परेशान कर रहा था और शादी करने का दबाव बना रहा था। युवती ने स्पष्ट किया कि उसकी शादी किसी अन्य स्थान पर पहले से तय हो चुकी है, लेकिन आरोपी अपनी बात मनवाने के लिए लगातार दबाव डालता रहा। युवती का आरोप है कि 5 जनवरी को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से उसके चाचा, मामा और होने वाले पति के व्हाट्सएप पर शादी का एक कूटरचित प्रमाणपत्र भेजा गया। इससे पहले भी प्रधान उसके घर पहुंचकर युवती के पिता से निजी बातचीत करने की कोशिश कर चुका था। जब परिवार ने प्रधान से आपत्ति जताई, तो उसने आगे परेशान न करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसकी गतिविधियों में कोई बदलाव नहीं आया।
Mau Crime: मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र में एक ग्राम प्रधान पर गंभीर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा है। सलेमपुर गांव की निवासी एक युवती की तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्रधान रामनरेश यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि प्रधान ने शादी का फर्जी प्रमाणपत्र युवती के परिजनों और रिश्तेदारों के मोबाइल पर भेजकर उसे मानसिक रूप से परेशान किया और शादी तुड़वाने की साजिश रची।
पीड़िता वाराणसी में रहकर सरकारी नौकरी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। तहरीर के अनुसार, ग्राम प्रधान लंबे समय से उसे फोन कर परेशान कर रहा था और शादी करने का दबाव बना रहा था। युवती ने स्पष्ट किया कि उसकी शादी किसी अन्य स्थान पर पहले से तय हो चुकी है, लेकिन आरोपी अपनी बात मनवाने के लिए लगातार दबाव डालता रहा।
युवती का आरोप है कि 5 जनवरी को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से उसके चाचा, मामा और होने वाले पति के व्हाट्सएप पर शादी का एक कूटरचित प्रमाणपत्र भेजा गया। इससे पहले भी प्रधान उसके घर पहुंचकर युवती के पिता से निजी बातचीत करने की कोशिश कर चुका था। जब परिवार ने प्रधान से आपत्ति जताई, तो उसने आगे परेशान न करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसकी गतिविधियों में कोई बदलाव नहीं आया।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी अब फोटो वायरल करने और वॉयस रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल कर रहा है। आरोप यह भी है कि प्रधान ने युवती की होने वाली ससुराल में भी फर्जी शादी प्रमाणपत्र भेजा, ताकि रिश्ता टूट जाए और युवती पर सामाजिक व पारिवारिक दबाव बढ़े।
मामले को लेकर कोतवाल केके वर्मा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है और पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी प्रमाणपत्र किस नंबर से और किस उद्देश्य से भेजा गया था।
फिलहाल, पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल और धमकी संबंधी आरोपों की पुष्टि कर रही है, ताकि दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।