माता का इलाज कराने पहुंचे एसटी एससी आयोग के सदस्य और सीएचसी प्रभारी दोनों ने हलधरपुर थाने में एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है।
हाल ही में चर्चा में रहा मऊ जिले का रतनपुरा सीएचसी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस बार मामला सीएचसी प्रभारी और एसटी एससी आयोग के सदस्य के बीच का है। माता का इलाज कराने पहुंचे एसटी एससी आयोग के सदस्य और सीएचसी प्रभारी दोनों ने हलधरपुर थाने में एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है।
डॉक्टर को तरफ से दी गई तहरीर में डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि वो रात 10 बजे सीएचसी रतनपुरा पर ड्यूटी दे रहे थे। इसी बीच एससी एसटी आयोग के सदस्य विनय कुमार अपने सुरक्षा कर्मी के साथ अपनी मां का इलाज कराने पहुंचे। उनकी मां दसावती देवी की तबियत लो बीपी होने से खराब हो रही थी। इलाज कराने के बाद वो अपने चैंबर में जा कर बायोमेट्रिक चेंज कर रहे थे। इसी बीच विनय कुमार अपने सुरक्षा गार्ड और आठ दस की संख्या में में लोगों के साथ उनके चैंबर में घुस गए और उनसे अभद्रता करने लगे। उनके सुरक्षा गार्ड ने उनकी कॉलर पकड़ ली और घसीटते हुए उन्हें चैंबर से बाहर ले आया। यह घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है।
वहीं एससीएसटी आयोग के सदस्य विनय कुमार निवासी गुलौरी ने बताया कि जब वह गांव पहुंचे तो उनकी मां की तबियत काफी खराब हो गई थी। उन्हें ले कर वो सीएचसी रतनपुरा पहुंचे। उन्होंने बताया कि जब वह डॉक्टर भैरव पांडेय के दफ्तर में पहुंचे तो डॉक्टर चैंबर में बैठ कर शराब पी रहे थे। वह एक घंटे तक डॉक्टर का इंतजार कराते रहे। चैंबर में जाने पर डॉक्टर ने उनके साथ अभद्रता की। उनका सुरक्षा कर्मी सिर्फ उनका बचाव कर रहा था।
एसपी इलामारन जी ने इस संबंध में कहा कि मामला संज्ञान में है। दोनों बिंदुओं पर जांच की जा रही है।