भारत यात्रा पर आईं थाईलैंड की महारानी चखनू सिनीनात वांगवजीरा पकड़ी ने बुधवार को नगर के मझवारा मोड़ क्षेत्र में शाही काफिले के साथ कुछ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय बाजार में खरीदारी की और आम लोगों के बीच सादगी के साथ भ्रमण किया। महारानी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके […]
भारत यात्रा पर आईं थाईलैंड की महारानी चखनू सिनीनात वांगवजीरा पकड़ी ने बुधवार को नगर के मझवारा मोड़ क्षेत्र में शाही काफिले के साथ कुछ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय बाजार में खरीदारी की और आम लोगों के बीच सादगी के साथ भ्रमण किया। महारानी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए, जिनके प्रति उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी में धन्यवाद प्रकट किया।
जानकारी के अनुसार, वाराणसी से सोनौली मार्ग के रास्ते लुंबिनी जा रहीं महारानी कुछ समय के लिए मझवारा मोड़ स्थित होटल डीएस ग्रैंड में ठहरीं। यहां से निकलने के बाद उन्होंने सड़क किनारे ठेले पर बनी जलेबी का स्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने केले और मूंगफली की खरीदारी की और स्वयं दुकानदारों से कीमत पूछकर भुगतान किया। सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद महारानी ने सामान्य नागरिकों की तरह बाजार में घूमकर स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव दिखाया।
महारानी की इस सादगीपूर्ण पहल से स्थानीय लोग काफी प्रभावित नजर आए। लोगों ने हाथ हिलाकर उनका स्वागत किया, जिसका उन्होंने भी मुस्कराकर अभिवादन स्वीकार किया।
अपने कार्यक्रम के तहत महारानी कुशीनगर स्थित महापरिनिर्वाण बौद्ध मंदिर में भगवान बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा के दर्शन करेंगी। इसके बाद वह सोनौली स्थित 960 थाई बौद्ध विहार मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी और फिर भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी के लिए रवाना होंगी।
बताया गया कि महारानी के साथ करीब 70 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी यात्रा पर है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने इस दौरे को भारत और थाईलैंड के प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को मजबूती देने वाला बताया। वहीं, महारानी के विशेष प्रतिनिधि ने भारत सरकार के आतिथ्य और भारतीय नागरिकों द्वारा मिले स्नेह व सम्मान की सराहना की।