थाना चिरैयाकोट में मुकदमे में से प्रतिवादी का नाम निकालने के लिए दरोगा को घूस लेना पड़ा महंगा. वीडियो वायरल होते ही मऊ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने दरोगा को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही विभागीय विधिक कार्यवाही भी की जा रही है.
मऊ: पुलिस अधीक्षक अविनाश पाण्डेय ने सब इंस्पेक्टर राममूरत यादव थाना चिरैयाकोट को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। बताया जाता है कि सब इंस्पेक्टर राममूरत यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमें उ0नि0 राम मूरत द्वारा मु0अ0सं0 75/23 में प्रतिवादी का मुकदमे से नाम निकालने हेतु रुपये लिया जा रहा है।
उपरोक्त प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद द्वारा की गयी जिसमे उ0नि0 राममूरत यादव थाना चिरैयाकोट को दोषी पाया गया। जिसके बाद पुलिस अधिक्षक ने कार्यवाही करते हुए उ0नि0 को निलंबित कर दिया और उसके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जा रही है।
गौरतलब है की मऊ जिले में व्यक्ति द्वारा दरोगा को पैसे देते वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें बताया जा रहा था की विडियो में दरोगा मुकदमे से प्रतिवादी का नाम निकलने के लिए घूस लिया है. जिसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से पीड़ित द्वारा किया गया. शिकायत के बाद पुलिस जांच के बाद सब इंस्पेक्टर निलंबित हो गया है.