
अब्बास अंसारी कॉकरोच जनता पार्टी का किया जिक्र। सोर्स- फेसबुक (Abbas Ansari)
MLA Abbas Ansari Latest News: सोशल मीडिया पर इन दिनों चर्चा में चल रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की बहस अब उत्तर प्रदेश की सियासत तक पहुंच गई है। मऊ से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने अब्बास अंसारी ने कॉकरोच जनता पार्टी का जिक्र किया। जेल से रिहा होने के बाद पहली बार बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंचे अब्बास अंसारी ने अपने संबोधन के दौरान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का जिक्र करते हुए ऐसा बयान दिया, जिसने वहां मौजूद लोगों के बीच हलचल मचा दी।
मऊ के इटौरा गांव में 21 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इंटरलॉकिंग सड़क के शिलान्यास कार्यक्रम में अब्बास अंसारीमुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि “कॉकरोच पार्टी से मैं भी सोच रहा हूं चुनाव लड़ जाऊं क्या?” उनके इस बयान के बाद समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच हंसी और तालियों का दौर शुरू हो गया।
अब्बास अंसारी यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि “उस पार्टी का सिंबल क्या रहेगा? मेरे अध्यक्ष जी भी उस पार्टी को ज्वाइन कर लें। मेरे कई जानने वाले उस पार्टी में जा चुके हैं। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष भी उस पार्टी की चर्चा कर रहे थे।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि उन्होंने किसी राजनीतिक दल का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके तंज को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
अपने संबोधन के दौरान अब्बास अंसारी ने विकास कार्यों को लेकर विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल और अन्य योजनाएं जनता के टैक्स के पैसे से बनती हैं, इसलिए कोई नेता इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बता सकता। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा, “क्या किसी नेता ने अपनी जमीन बेचकर या अपना घर गिरवी रखकर विकास कराया है?” उन्होंने कहा कि जिले में ‘विकास पुरुष’ बनने की होड़ लगी हुई है, जबकि असली मालिक जनता है, जिसके पैसे से विकास कार्य कराए जाते हैं।
सभा के दौरान अब्बास अंसारी ने अपने परिवार की राजनीतिक और सामाजिक विरासत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश और समाज के लिए हमेशा आगे बढ़कर काम करता रहा है।
उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार की जमीन पर 18 गांव बसे हुए हैं और परिवार ने देश को 14 संग्राम सेनानी दिए हैं। इस दौरान उन्होंने ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और मुख्तार अंसारी का नाम लेते हुए कहा कि उनका परिवार हमेशा जनता के साथ खड़ा रहा है। भावुक होते हुए अब्बास अंसारी ने कहा, “हमारा परिवार खून की आहुति देने वाला परिवार रहा है।”
अब्बास अंसारी ने अपने राजनीतिक जीवन का भी जिक्र किया। उन्होंने राजनीति में आने की कहानी साझा करते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के रूप में आगे बढ़ रहे थे, लेकिन हालात ऐसे बने कि उन्हें राजनीति में उतरना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता को साजिश के तहत जेल भेजा गया और उसके बाद उन पर भी लगातार मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों ने उन्हें जनता के बीच आकर संघर्ष करने के लिए मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में अब्बास अंसारी ने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद वह सबसे पहले अपने लोगों के बीच पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जनता और उनके बीच की दूरी उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रही थी। सभा में बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। उनके भाषण के दौरान कई बार तालियों की गूंज सुनाई दी और समर्थकों ने नारेबाजी भी की।
Updated on:
22 May 2026 02:26 pm
Published on:
22 May 2026 02:03 pm
बड़ी खबरें
View Allमऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
