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Mau News: भाई को फंसाने के लिए भाई ने रची साजिश, खुद पर चलवाई गोली, पुलिस ने किया पर्दाफाश

मऊ जिले में चचेरे भाइयों के बीच चल रहे पुराने विवाद में बड़ी साजिश रची गई। आरोप है कि चचेरे भाई को फंसाने के लिए एक शख्स ने खुद पर फायरिंग की योजना बनाई थी। पुलिस जांच में पूरे मामले की पोल खुल गई, पढ़िए पूरी खबर...
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मऊ

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Abhishek Singh

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Updated: 24 May 2026, 6:54 PM IST

Pc: Patrika

फायरिंग करने वाले अभियुक्त गिरफ्तार

Mau News: मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के पिपरा कछार गांव में चचेरे भाइयों के बीच चल रहा पुराना विवाद सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गया, जब एक युवक ने अपने ही भाई को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए खुद पर गोली (Crime ) चलवाने की साजिश रच डाली। पुलिस की सतर्कता और गहन जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने साजिश में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, गांव पिपरा कछार निवासी रामभवन और रामप्रवेश यादव के बीच लंबे समय से आपसी विवाद चला आ रहा था। बीते 16 मई को रामप्रवेश यादव खेत में भैंस चरा रहे थे। आरोप है कि उसी दौरान रामभवन ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें रामप्रवेश गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद रामप्रवेश यादव ने मधुबन थाने में रामभवन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

समझौते का दबाव बनाने से हुआ खुलासा

मुकदमा दर्ज (FIR ) होने के बाद पुलिस कार्रवाई तेज हुई तो रामभवन पर गिरफ्तारी का खतरा मंडराने लगा। बताया जा रहा है कि समझौते का दबाव बनाने के बावजूद बात नहीं बनी। इसके बाद खुद को बचाने और रामप्रवेश को कानूनी पचड़े में फंसाने के लिए रामभवन ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर नई साजिश तैयार की।

योजना के तहत रामभवन ने अपने ही घर पर गोली चलवाई, ताकि इस घटना को हमला दिखाकर रामप्रवेश के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई जा सके। घटना के बाद रामभवन की बहन संजू यादव ने थाने पहुंचकर रामप्रवेश पर गोली चलाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी।

पुलिस को मामला शुरुआत से संदिग्ध प्रतीत हुआ

हालांकि, पुलिस (UP Police ) को शुरू से ही मामले में कई बातें संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, साक्ष्य जुटाए और संबंधित लोगों से पूछताछ की। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो पूरी कहानी सामने आ गई।

पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि गोलीकांड पूरी तरह से सुनियोजित था और इसका उद्देश्य रामप्रवेश यादव को झूठे मुकदमे में फंसाना था। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने साजिश में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।

मामले में एएसपी ने दी जानकारी

अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार (ASP Mau)ने बताया कि विवेचना के दौरान कई लोगों से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि इससे पहले 16 मई को रामभवन यादव और उसके साथियों ने खेत में भैंस चरा रहे रामप्रवेश यादव के साथ मारपीट की थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में रामभवन समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और घायल रामप्रवेश का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। अपनी गिरफ्तारी के डर से रामभवन ने रामप्रवेश के परिजनों पर समझौते के लिए दबाव बनाना शुरू किया। जब बात नहीं बनी तो वह फरार हो गया। इसके बाद, रामप्रवेश के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज कराने के उद्देश्य से उसने अपने घर पर गोली चलवाने की साजिश की।