Mau News: मऊ जिले के हलधरपुर थाना क्षेत्र के कुड़वा गांव में एक अनोखा मामला सामने आया है। प्रॉपर्टी और आशिकी के चक्कर में एक महिला ने अपने जीवित पति को मृत दिखा दिया है। इस दौरान पति विदेश में नौकरी कर रहा था। इस दौरान पति विदेश में रह कर कमाई कर रहा था। […]
Mau News: मऊ जिले के हलधरपुर थाना क्षेत्र के कुड़वा गांव में एक अनोखा मामला सामने आया है। प्रॉपर्टी और आशिकी के चक्कर में एक महिला ने अपने जीवित पति को मृत दिखा दिया है। इस दौरान पति विदेश में नौकरी कर रहा था। इस दौरान पति विदेश में रह कर कमाई कर रहा था।
आपको बता दें कि कुड़वा गांव थाना हलधरपुर के रहने वाले बब्बन चौहान ने अपनी बहू और अपने बहनोई पर गंभीर आरोप लगाते हुए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बेटे विजेन्द्र चौहान को कागजों में मृत दिखाकर आधार कार्ड और मनरेगा रिकॉर्ड में गड़बड़ी की गई है।
बब्बन चौहान के अनुसार उनका बेटा विजेन्द्र चौहान वर्ष 2008 से दुबई में काम करता है और बीच-बीच में घर आता रहता है। 8 दिसंबर 2025 को वह विदेश से घर लौटा। 13 दिसंबर 2025 को जब वह आधार संशोधन कराने आधार सेंटर गया तो पता चला कि उसका आधार कार्ड निष्क्रिय कर दिया गया है, क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत दिखाया गया है।
पीड़ित के अनुसार आरटीआई के माध्यम से जानकारी लेने पर पता चला कि मनरेगा दस्तावेजों के आधार पर 29 नवंबर 2025 को आधार नंबर निष्क्रिय किया गया। वहीं मनरेगा रिकॉर्ड में 22 अक्टूबर 2023 को विजेन्द्र चौहान को मृत बताते हुए उसका नाम निष्क्रिय कर दिया गया था।
बब्बन चौहान का आरोप है कि ग्राम प्रधान कंचन चौहान, प्रधान प्रतिनिधि अरविन्द चौहान, ग्राम सचिव, रोजगार सेवक संतोष चौहान और अन्य लोगों ने मिलकर फर्जी तरीके से मनरेगा जॉब कार्ड बनाया और काम दिखाकर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 6 सितंबर 2023 को विजेन्द्र चौहान ने अपनी पत्नी सरिता चौहान और अपने रिश्तेदार अशोक चौहान को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। विरोध करने पर दोनों ने मिलकर विजेन्द्र चौहान और उसके पिता बब्बन चौहान के साथ मारपीट की और उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड व मोबाइल छीन लिया। इसके बाद विजेन्द्र चौहान फिर से 9 सितंबर 2023 को विदेश चला गया।
पीड़ित का कहना है कि मारपीट के बाद आरोपियों ने उनके घर पर कब्जा कर लिया, जिससे वह अपनी पत्नी के साथ गांव के बाहर रहने को मजबूर हैं। बब्बन चौहान ने बताया कि इस मामले की शिकायत उन्होंने थाना हलधरपुर और पुलिस अधीक्षक मऊ से भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच कराने की मांग की है।