पुलिस ने अदालत परिसर में सक्रिय एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो अपराधियों की जमानत ‘ठेके’ पर लेकर न्यायिक प्रणाली को गुमराह कर रहा था। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क से जुड़े नौ फर्जी जमानतदारों को गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया।
Mau Police: मऊ जिले की पुलिस ने अदालत परिसर में सक्रिय एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो अपराधियों की जमानत ‘ठेके’ पर लेकर न्यायिक प्रणाली को गुमराह कर रहा था। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क से जुड़े नौ फर्जी जमानतदारों को गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया।
मऊ जिले में लंबे समय से पुलिस और अदालत के बीच जमानत प्रक्रिया को धता बताने वाला एक शातिर गिरोह सक्रिय था। यह गैंग उन अपराधियों पर नजर रखता था, जिनकी गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेशी के दौरान कोई जमानतदार नहीं मिलता था। ऐसे मामलों में यह गिरोह ‘खड़े-खड़े’ जमानत लेकर अपराधियों को राहत दिला देता था।
पुलिस को तब शक हुआ जब कई गंभीर मामलों में अपराधियों को बेहद तेजी से जमानत मिलती चली गई। जांच गहराई तक गई तो खुलासा हुआ कि इस अवैध खेल में पेशेवर जमानतदारों का पूरा नेटवर्क काम कर रहा है, जो चंद पैसों के बदले किसी भी अपराधी के लिए जमानत देने को तैयार रहता था।
नगर क्षेत्राधिकारी अंजनी कुमार पांडे ने बताया कि पुलिस अधीक्षक इलामारन जी के निर्देश पर जमानतदारों के सत्यापन का विशेष अभियान चलाया गया। जांच में सामने आया कि कई जमानतदार न तो संबंधित आरोपी को जानते थे और न ही उनकी पहचान या संपत्ति का कोई विश्वसनीय प्रमाण दे पा रहे थे।
सीओ ने बताया कि यह लोग अपनी पहचान छिपाकर, फर्जी दस्तावेजों पर और पैसों के लिए पेशेवर तरीके से जमानत लेते थे। यह सीधे-सीधे पुलिस और न्यायिक व्यवस्था को भ्रमित करने का कृत्य है।
जांच के आधार पर कोतवाली पुलिस ने नौ व्यक्तियों के खिलाफ फर्जी और अवैध तरीके से जमानत लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार जमानतदारों में मऊ के अलावा गाजीपुर जिले के लोग भी शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि यह इस अभियान की सिर्फ शुरुआत है। ऐसे सभी लोगों को चिह्नित कर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जो पेशेवर तरीके से अपराधियों की जमानत में शामिल पाए जाएंगे।
फिलहाल मऊ पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई ने न्यायालय परिसर में सक्रिय इस ‘जमानतदार गिरोह’ की कमर तोड़ दी है। हालांकि, क्या इससे अपराधियों की ‘ठेका जमानत’ पर पूरी तरह रोक लगेगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।