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Loksabha Results: मोदी और योगी के सक्रियता के बावजूद सपा ने कैसे वापस लिया आजमगढ़ का गढ़, जानिए

Azamgarh Loksabha: आजमगढ़ में सपा की हो रही एकतरफा जीत ने सारे समीकरण ध्वस्त कर दिए। बीजेपी यहां 5 साल से अपना जी जान लगा के मेहनत कर रही थी। परंतु इस बार समाजवादियों ने इस सीट को जीतकर सिद्ध कर दिया है कि आजमगढ़ उनका मजबूत किला है।हालांकि बीजेपी इस सीट को जीतने के […]

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Jun 04, 2024

Azamgarh Loksabha: आजमगढ़ में सपा की हो रही एकतरफा जीत ने सारे समीकरण ध्वस्त कर दिए। बीजेपी यहां 5 साल से अपना जी जान लगा के मेहनत कर रही थी। परंतु इस बार समाजवादियों ने इस सीट को जीतकर सिद्ध कर दिया है कि आजमगढ़ उनका मजबूत किला है।
हालांकि बीजेपी इस सीट को जीतने के लिए पिछले 5 सालों से मेहनत कर रही थी। मतदाताओं को लुभाने लिए भाजपा ने यहां पर यूनिवर्सिटी बनवाया, एयरपोर्ट बनवाया। दिनेश लाल निरहुआ भी पूरी शिद्दत के साथ लगे हुए थे परंतु सपा के धर्मेंद्र यादव हर जगह से उन पर 20 पड़े।

मुख्य वजह जानिए क्या रहे

धर्मेंद्र यादव की एकतरफा जीत में मुख्य भूमिका निभाई आजमगढ़ में उनके समर्पण ने। जैसे ही चुनावों की घोषणा हुई धर्मेंद्र यादव ने यहां खुद का मकान खरीद लिया और पूरी तरह से यहीं के होकर रह गए।
उनकी जीत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है गुड्डू जमाली का समाजवादी पार्टी में शामिल होना। आपको बता दें कि पिछली बार गुड्डू जमाली को मिले वोट ने आजमगढ़ में सपा का खेल बिगाड़ दिया था।
इसके अलावा सपा सरकार द्वारा आजमगढ़ में किए गए विभिन्न विकास कार्यों ने भी आजमगढ़ में सपा का किला मजबूत कर दिया है। सपा पब्लिक को यह विश्वास दिलाने में सफल रही कि उसकी सत्ता वापसी पर विकास कार्य होंगे और बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा धर्मेंद्र यादव ने हर गांव और गली ,नुक्कड़ पर जोरदार सभाएं करते हुए अपने सरल स्वभाव से लोगों का विश्वास हासिल किया।


इन सभी बातों के अलावा समाजवादी पार्टी का पूरा कुनबा यहां चुनाव जिताने के लिए अपना डेरा जमा लिया था। कारण कुछ भी हो पर समाजवादियों ने एक बार फिर ये सिद्ध कर दिया है कि आजमगढ़ उनका गढ़ है और रहेगा।

Published on:
04 Jun 2024 01:49 pm
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