मेरठ जिला कारागार में महिला बंदियों के लिए की गर्इ थी विशेष व्यवस्था
मेरठ। शनिवार को मेरठ का नजारा बदला-बदला सा रहा। जेल के भीतर सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। कारण करवाचैथ व्रत था। जेल में बंद सुहागिन महिलाओं के लिए सजने और उनके हाथों में मेंहदी लगवाने के लिए विशेष रूप से ब्यूटी पार्लर से महिला का इंतजाम किया गया था। जिसे कड़ी सुरक्षा के बाद जेल के भीतर ले जाया गया। महिला ने जेल में बंद सुहागिन महिलाओं के हाथों में मेंहदी लगाई और बंदी महिलाओं ने विशेष श्रृंगार आदि किया।
ये की थी व्यवस्था
जेल अधीक्षक बीडी पांडेे के अनुसार महिला बैरक में करीब 100 महिलाओं ने कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाले करवाचैथ का व्रत रखा। इसके लिए विवाहिता बंदी महिलाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए। बंदी विवाहिता महिलाओं से उनके पतियों को विशेष रूप से जेल के भीतर मिलाई करवाई गई। वहीं जिन विवाहिता महिलाओं के पति जेल में बंद हैं, उनकी भी मिलाई के लिए विशेष प्रबंध किए गए। उनके उपवास खोलने के लिए फल आदि की व्यवस्था की गई है। विवाहिता बंदी महिलाओं ने अपने चांद का दीदार काल कोठरी में किया। विभिन्न जुर्मों के साथ संगीन जुर्म में मेरठ की जेल में सजा काट रही 100 से अधिक महिलाओं ने जेल में ही व्रत रखा। जेल प्रशासन महिलाओं की ओर से रखे जाने वाले व्रत के उपलक्ष्य पर उनके जीवन साथी के साथ रिश्तेदारों की ओर से व्रत को लेकर लाए गए सामान को उन तक पहुंचाने की अनुमति दी। सामान को पूरी जांच के बाद ही भीतर जाने दिया गया।
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जेल मैनुअल का रखा गया ध्यान
जेल अधीक्षक ने बताया कि इस दौरान जेल मैनुअल का पूरा ध्यान रखा गया। गहन जांच के बाद ही व्रत के सामान को अंदर ले जाने की अनुमति दी गई। व्रत के उपलक्ष्य पर किसी भी महिला व पुरुष को पैरोल पर भेजने का प्रावधान नहीं है। किसी तरह की आपातकालीन स्थिति पर ही एक दो दिन की पैरोल दी जाती है। इसके साथ ही काल कोठरी मेें सजा काट रहे पति जीवनसाथी की लंबी उम्र के लिए घरों में महिलाओं ने व्रत की तैयारियां पूरी कर ली हैं। मौजूदा समय की बात करें तो मेरठ की जेल में बंदियों की संख्या तीन हजार से अधिक है।