
मेरठ। सीएए को लेकर विरोध में 20 दिसंबर को पथराव के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के मामले में एसपी सिटी डा. एएन सिंह के वायरल वीडियो को लेकर अफरातफरी मची हुई है। तमाम तरह की अफवाहें फैलाने की कोशिश की जा रही है। यह वीडियो 27 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद वायरल किया गया है। इस पर एडीजी जोन प्रशांत कुमार ने कहा है कि 20 दिसंबर को बवाल के बाद अफसरों ने संयम से काम लिया और स्थिति शांतिपूर्ण बनाने में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो 27 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद किया गया है। जब सबकुछ ठीक हो गया और मेरठ के जनता ने असामाजिक तत्वों को नकार दिया, उसके बाद यह वीडियो जारी किया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि इस वीडियो को वायरल करने के पीछे साजिश हो सकती है। कुछ लोग नहीं चाहते मेरठ में स्थिति सामान्य रहे।
एडीजी प्रशांत कुमार ने एसपी सिटी के वायरल वीडियो के बारे में बताया कि यह वीडियो एक सप्ताह पुरानी है। 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद पथराव को शांत करने के लिए एसपी सिटी एएन सिंह गए हुए थे। वहां भारत विरोधी नारे लग रहे थे और पड़ोसी देश के जिंदाबाद के नारे लग रहे थे। ऐसे में पुलिस अफसरों ने संयम से काम लेकर स्थिति संभाली थी। एडीजी जोन ने कहा कि वहां खड़े लोगों को भी पुलिस अफसरों ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि 27 दिसंबर को जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से रही और माहौल भी शांत रहा। मेरठ की जनता ने साबित कर दिया कि वे किसी के बहकावे में नहीं आने वाले। एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि अब एसपी सिटी का वीडियो वायरल जारी करना साजिश का हिस्सा लगता है और इसकी जांच कराई जा रही है।