पार्टी नेताआें आैर कार्यकर्ताआें ने मिठार्इ बांटकर जश्न मनाया
मेरठ। बसपा सुप्रीमो मायावती के करीबी पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर हार्इकोर्ट द्वारा रासुका हटाने के आदेश के बाद बसपा नेता जोश में हैं। इस आदेश से योगी सरकार को जोरदार झटका मिला है। बसपा नेताआें ने दो अप्रैल से अब तक वैसे तो योगी सरकार के खिलाफ काफी बार बयान दिए हैं, लेकिन जैसे ही हार्इकोर्ट का फैसला योगेश वर्मा के हक में आया तो उन्होंने योगी सरकार को आड़े हाथों ले लिया। हार्इकोर्ट का आदेश आते ही बसपा नेताआें व कार्यकर्ताआें ने मिठार्इ बांटी आैर जमकर जश्न मनाया।
भाजपा को साजिश का जवाब मिला
बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा की पत्नी व मेयर सुनीता वर्मा ने कहा कि हमें न्याय व्यवस्था पूरा भरोसा था। इन निर्णय से विपक्ष को मुंह की खानी पड़ी। यह हमारी आैर जनता की जीत है। बसपा के जिलाध्यक्ष सुभाष प्रधान ने कहा कि यह सच्चार्इ की जीत है। भाजपा की नाइंसाफी पर अदालत ने इंसाफ किया है। बसपा कार्यकर्ता इससे जोश में हैं आैर अगले चुनाव के लिए उनमें यह जोश दिखार्इ देगा। रालोद के प्रवक्ता सुनील रोहटा ने कहा कि भाजपा की साजिश को कोर्ट ने जवाब दे दिया है। भाजपा को इससे सबक लेना चाहिए।
यह था मामला
दो अप्रैल को एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के संशोधन से नाराज दलित समोज के लोगों ने भारत बंद का आह्वान किया था। मेरठ में इस दौरान काफी उपद्रव हुआ था। जिला व पुलिस प्रशासन ने बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को आरोपी बताते हुए 13 मुकदमे दर्ज कराए थे आैर जेल में डाल दिया था। डीएम अनिल ढींगरा ने योगेश पर रासुका लगाने की संस्तुति की थी, जिसे शासन ने स्वीकार करते हुए इस पर मुहर लगा दी थी। रासुका के खिलाफ योगेश वर्मा ने हार्इकोर्ट में अपील की थी। जिस पर हार्इकोर्ट ने योगेश पर लगार्इ गर्इ रासुका रद करने का आदेश दिया।