मेरठ

Gender Change In Meerut : युवाओं में जेंडर बदलने का बढ़ा क्रेज, दो लड़कों का आपरेशन कर डाक्टरों ने बनाया लड़की

Gender Change In Meerut Medical Collage मानसिकता पर हावी आधुनिकता कहे या फिर हार्मोंस का असंतुलन। अभी दो दिन पहले मेरठ के मेडिकल कालेज में जहां चिकित्सकों ने आपरेशन कर एक लड़की को लड़का बना दिया था। वहीं अब इसी मेडिकल कालेज में दो लड़कों को चिकित्सकों ने लड़की बना दिया। चिकित्सकों ने दो लड़कों में लिंगारोपण कर दोनों का लड़की बनाया। यह अपनी तरह की पहली सर्जरी मेरठ और पश्चिमी उप्र में है।

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Jun 11, 2022
Gender Change In Meerut : युवाओं में जेंडर बदलने का बढ़ा क्रेज, दो लड़कों का आपरेशन कर डाक्टरों ने बनाया लड़की

Gender Change In Meerut Medical Collage मेरठ मेडिकल कालेज के सुपरस्पेशियलिटी ब्लाक के डाक्टर नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले जहां सुपर स्पेंशियलिटी ब्लाक के सर्जरी विभाग ने एक लड़की का आपरेशन कर उसको लड़का बनाया था। वहीं अब इसी विभाग के चिकित्सकों ने आपरेशन कर दो लड़कों को लड़की बना दिया है। सर्जरी विभागाध्यक्ष डा0 सुधीर राठी के निर्देशन में यह एक माल के भीतर तीसरी ऐसी सर्जरी है। अब दो सर्जरी में लड़कों को लिंगारोपण कर लड़की बनाने का कारनामा किया है। लड़के से लड़की बने दोनों मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

यह मेडिकल कैंपस में अपनी तरह की नई सर्जरी है। उधर, दो दिन पहले ही इसी कैंपस में एक लड़की को लड़का बनाने में सफलता मिली है। डा. राठी ने बताया कि ये दोनों लड़कों में पुरुषों वाले एक्सवाई क्रोमोसोम थे। लेकिन दोनों लड़की के लक्षणों के साथ बड़े हुए। ऐसे मरीजों के गर्भाशय और अंंडाशय दोनों आपस में मिले होते हैं। इनमें पुरुष हार्मोंस टेस्टेस्टेरोन और महिलाओं वाले एस्ट्रोजन समान मात्रा में उत्सर्जित हो रहे थे। उनके परिवार से मिलकर दोनों को लड़की बनाने की सहमति जताई थी। जिस पर योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू किया गया। सबसे पहले इन लड़कों को महिलाओं वाले हार्मोन्स एस्ट्रोजन की खुराक दी गई। जिसके बाद इन दोनों में लड़कियों वाले लक्षण बढ़ने लगे। बाद में बड़ी आंत का थोड़ा भाग लेकर उसमें रक्त आपूर्ति जारी रखते हुए इसे नीचे लाया गया।

प्लास्टिक सर्जरी के जरिए निजी अंग बनाकर दोनों मरीजों में प्रत्यारोपित कर दिया गया। आंत का भाग होने की वजह से इस अंग में नमी बनी रही। डा. सुधीर राठी, विभागाध्यक्ष, सर्जरी विभाग, मेडिकल कालेज ने बताया कि दोनों के क्रोमोसोम भले ही पुरुषों वाले मिले, लेकिन इनमें लड़कियों के लक्षण ज्यादा थे। ऐसे मरीजों में संतान पैदा करने की क्षमता नहीं होती। दोनों लड़कों के परिजनों से पहले सहमति प्राप्त की गई। इसके बाद सर्जरी कर से लिंगारोपण करते हुए उन्हें लड़की बनाया गया। दोनों ही स्वास्थ्य हैं और उनको चिकित्सीय देखरेख में रखा गया है।

Published on:
11 Jun 2022 01:44 pm
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