कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते नहीं हुआ व्यापारज्वैलरी और अन्य समान की होती है इस दिन खरीदारी
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ ( meerut news ) अक्षय तृतीया पर अबूझ मुर्हूत होता है जिसमें किसी भी समय कोई भी शुभ काम किया जा सकता है। इस दिन लोग सोना-चांदी के अलावा अन्य कीमती चीजों की खरीदारी करते हैं। अक्षय तृतीया पर शादी-ब्याह के लिए शहनाइयां और बैंड बाजे भी खूब बजते हैं लेकिन इस बार शुभ मुर्हूत में बाजार खामोश रहा और बैंकेट हाल भी सूने रहे। कारण कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन ( lockdown ) रहा जिसकी वजह से करोडों का कारोबार इस एक दिन में प्रभावित हुआ है।
अक्षय तृतीया पर 2020 की तरह ही इस बार 2021 में भी बाजार को कोरोना ने गहरी आर्थिक चोट दी है। वैसे तो लॉकडाउन के चलते पूरे बाजार की रफ्तार धीमी है। मगर अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2021 ) से व्यापारियों काे काफी उम्मीद रहती है। इसकी वजह यह है कि इस दिन विशेष रूप से सर्राफा, कपड़ा, ऑटोमोबाइल, रियल स्टेट, होटल, बैंकेट हाल आदि सभी काे लाभ हाेता जाे इस बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
कपड़ा प्यापारियों को 60 करोड का नुकसान
शादी के मुर्हूत के साथ ही अन्य चीजों की अक्षय तृतीया पर जमकर खरीदारी होती है। रेडीमेड और कपड़ा कारोबारियों की मानें, तो अकेले अक्षय तृतीया में मेरठ में करीब 60 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। पूरे शादी सीजन में तो यह खरीदारी 300 करोड़ रुपये के पार हो जाती है।
सराफा बाजार को 200 करोड की चपत
सर्राफा कारोबारी इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। मेरठ सर्राफा की बड़ी मंडी है। यहां पर बने सोने के जेवर देश के अन्य राज्यों में भी जाते हैं। अक्षय तृतीया के मौके पर मेरठ सर्राफा कारोबारियों को बड़े पैमाने पर जेवर बनाने के आर्डर मिलते हैं। यह कारोबार 200 करोड के पार पहुंच जाता है लेकिन इस बार सब कुछ खत्म हो गया है। सराफा व्यापारी आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि हर साल अक्षय तृतीया के मौके पर कई महीने पहले से आर्डर मिलने शुरू हो जाते थे। लेकिन पिछले साल से सब ठप पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि कारोबारियों कहना है कि अब यह सीजन तो पूरा निकल ही गया है। पूरे बाजार की रफ्तार में सुधार करीब चार महीने बाद ही आ पाएगी। सराफा व कपड़ा के साथ ही ऑटोमोबाइल की रफ्तार भी पूरी तरह से सुस्त हो गई है।
ठंडा हुआ ऑनलाइन बुकिंग कारोबार
अक्षय तृतीया के दिन पिछले साल भी लॉकडाउन था और व्यापारिक संस्थानों में ताले लटके हुए थे। ऐसा ही कुछ इस बार भी हे। सराफा बाजार, कपड़ा मार्केट, रियल स्टेट, स्पोर्टस, होटल इंडस्ट्री,फर्नीचर आदि का बाजार पूरी तरह से ठंडा है। हालांकि कुछ व्यापारियों ने ऑनलाइन बुकिंग व डिलीवरी की कोशिश की। उपभोक्ताओं को इसके लिए लगातार मैसेज भी किए गए। कारोबारियों का कहना है कि इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा और कपड़ा, ज्वेलरी की बिक्री लोग दुकान आकर करना ही ज्यादा पसंद करते हैं। इसके चलते ही ऑनलाइन का जादू भी बेअसर ही रहा।