एसटीएफ की पैनी निगाह के बाद भी दारोगा भर्ती की लिखित परीक्षा में साल्वर गैंग अपनी सेंधमारी करने में सफल हो गया। हालांकि पुलिस ने समय रहते पूरे गिरोह का भंड़ाफोड़ कर दिया और दो सॉल्वर को गिरफ्तार कर लिया। जबकि सॉल्वर गैंग का सरगना अमित विश्नोई बिहार के पटना में बैठा हुआ है। पुलिस उस पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
मेरठ. दारोगा भर्ती में सॉल्वर गैंग के सरगना पटना में बैठे अमित विश्नोई पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। अमित ने पूरे देश में सॉल्वर गैंग का नेटवर्क बना रखा है। हर प्रदेश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सॉल्वर गैंग ने अलग-अलग रेट फिक्स कर रखे हैं। सॉल्वर के खातों में बिहार से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर की जाती है। पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग में 100 से भी ज्यादा सॉल्वर हैं। दारोगा भर्ती के लिए ही नहीं वह अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी साल्वर बैठाता रहा है।
बता दे कि रविवार को उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा की तृतीय पाली में आइटीएम कॉलेज पांचली के गेट पर परीक्षार्थी मानवेंद्र सिंह (निवासी कोटकी फिरोजाबाद) के स्थान पर सॉल्वर गैंग का शातिर आशुतोष मणि त्रिपाठी (निवासी देवरिया) परीक्षा देने आया था। पुलिस ने आशुतोष के साथ-साथ कॉलेज के बाहर बैठे साहिर खान (निवासी बुलंशहर) को पकड़ा था। दोनों से पूछताछ में पता चला कि उनके गैंग का सरगना पटना सचिवालय में काम करने वाला अमित विश्नोई है। जो परीक्षा उत्तीर्ण कराने के लिए आठ लाख रुपये लेता है। मानवेंद्र सिंह से भी आठ लाख रुपये में सौदा हुआ था।
एएसपी अनित कुमार ने बताया कि सॉल्वर गैंग के सरगना अमित पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। उसकी धरपकड़ के लिए पुलिस की एक टीम पटना जाएगी। अमित ने पूरे देश में अपना नेटवर्क खड़ा कर रखा है। अमित विश्नोई की रिपोर्ट पुलिस ने शासन को भेज दी है।
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