Meerut Crime News: मेरठ में एटीएस ने अवैध टेलीफोन एक्सचेंज पकड़ा है। नकली एक्सचेंज चलाने वाला गिरोह कम दामों में विदेशों में फोन कॉल करवाते थे। पुलिस ने नकली एक्सचेंज गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है।
Meerut Crime News: थाना परीक्षितगढ मेरठ पुलिस व एटीएस मेरठ के संयुक्त अभियान में फर्जी तरीके से अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है। ये गिरोह अवैध एक्सचेंज चलाकर हर माह सरकार को करोड़ों की चपत लगा रहा था। एटीएस ने अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलोन वाले गैंग का सर्किय सदस्य गिरफ्तार किया है।
परीक्षितगढ पुलिस व एटीएस ईकाई जनपद मेरठ ने मुखबिर की सूचना पर मारा छापा
एसएसपी के निर्देश पर एसपी देहात, सीओ सदर देहात के नेतृत्व में थाना परीक्षितगढ पुलिस व एटीएस ईकाई जनपद मेरठ ने मुखबिर की सूचना पर राजा मोहल्ला बढ्ला रोड किठोर स्टैंड परीक्षितगढ मेरठ से एक युवक नूर मोहम्मद उर्फ़ शाकिब पुत्र सहाबुद्दीन निवासी मकान न. 2896, गली न0 10, मौहल्ला कल्याण सिंह, मवाना जनपद मेरठ वर्तमान पता बढ्ला रोड परीक्षितगढ़ जनपद मेरठ को गिरफ्तार किया।
साथियों के साथ मिलकर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चला रहा था
बताया जाता है कि गिरफ्तार युवक नूर मौहम्मद अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चला रहा था। इन अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के माध्यम से आरोपी अरब देशों और मुस्लिम देशों में टेलीफोन काल्स कराया करता था। इससे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाया जा रहा था। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वो फर्जी तरीके से अवैध टेलीफोन एक्सचेंज राजा मोहल्ला बढ्ला रोड किठोर स्टैंड परीक्षितगढ मेरठ में चला रहा था। आरोपी द्वारा संचालित किए जा रहे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज से अंर्तराष्टीय कॉल को कम दामो में करवाकर प्रति माह लाखों की चपत लगा रहा था।
आरोपी से ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन सिम बाक्स, पांच राउटर मय, 342 सिमकार्ड, चार पावर एक्सटेंसन बोर्ड, चार्जर मय छह USB केबिल, पावर केबिल व अन्य सहवर्ती उपकरण, छह अदद मोबाइल फोन, एक लैपटाप DELL,एक इन्वर्टर मय एक अदद बैटरी, 100 रुपए भारतीय, दो एटीएम कार्ड HDFC बैंक , ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए।
अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के अन्य सदस्यों को तलाश रही पुलिस
अभियुक्त की गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना परीक्षितगढ मेरठ में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पकड़े गए आरोपी के अन्य साथियों के बारे में पता लगा रही है। माना जा रहा है कि आरोपी के पीछे कोई बड़ा गैंग सक्रिय है। जो अवैध रुप से टेलीफोन एक्सचेंज संचालित कर रहा था।