
पुलिस अधीक्षक थाने में जुटे लोग फोटो सोर्स विभाग
मेरठ में BA थर्ड ईयर के एक छात्रा की संदिग्ध हालात में हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया। 15 मई को परीक्षा देने घर से निकली छात्रा तीन दिन तक लापता रही। बाद में उसकी लाश गन्ने के खेत में मिली। शव बुरी तरह सड़ चुका था। पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में प्रेम संबंध और शक के चलते हत्या करने की बात कबूल की है। वहीं छात्रा के मोबाइल में मिला भावुक नोट अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
मेरठ के टीपीनगर इलाके की रहने वाली करीब 20 वर्षीय BA थर्ड ईयर की छात्रा 15 मई को राजनीति विज्ञान की परीक्षा देने घर से निकली थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह परीक्षा देकर वापस लौट आएगी। लेकिन देर शाम तक उसके घर नहीं पहुंचने पर परिजन परेशान हो गए। इसके बाद परिवार ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
तीन दिन तक छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला। रविवार को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के पास गन्ने के खेत में एक युवती का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। जब पुलिस मौके पर पहुंची। तो शव की हालत बेहद खराब थी। चेहरा इस कदर बिगड़ चुका था कि पहचान करना मुश्किल हो गया। बाद में कपड़ों और अन्य जानकारी के आधार पर शव की पहचान लापता छात्रा के रूप में हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने हत्या के पीछे गैंगरेप की आशंका जताई जा रही है। तीन युवकों अंकुश, निशांत और अंकित के खिलाफ नामजद शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने कई टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
रविवार देर रात पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने बताया कि छात्रा से उसका लंबे समय से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे को 2023 से जानते थे। आरोपी के मुताबिक, उसे युवती के मोबाइल में किसी दूसरे युवक से बातचीत दिखाई दी थी। जिसके बाद उसे शक होने लगा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। गुस्से में उसने हत्या कर दी।
जांच के दौरान पुलिस को छात्रा के मोबाइल से एक भावुक नोट भी मिला। इसमें उसने परीक्षा देने जाने से पहले किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। छात्रा ने भगवान से प्रार्थना करते हुए लिखा था कि उसके परिवार को सुरक्षित रखना और उसके साथ कुछ गलत न होने देना। इस नोट को पढ़कर परिवार और आसपास के लोग भावुक हो गए।
परिजनों का कहना है कि आरोपी पहले से छात्रा को परेशान करता था। गांव में इस मामले को लेकर पंचायत भी हो चुकी थी। जिसमें आरोपी ने माफी मांगी थी। इसके बावजूद उसकी हरकतें बंद नहीं हुईं। परिवार ने बताया कि इसी वजह से करीब छह महीने पहले उन्होंने गांव छोड़कर मेरठ शहर में किराए का मकान ले लिया था। परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो उनकी बेटी की जान बच सकती थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
Updated on:
18 May 2026 10:12 am
Published on:
18 May 2026 10:08 am
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