
मुठभेड़ में ईनामी बदमाश जुबैर ढेर (Image: Instagram 'Zubairrk728')
Bounty Criminal Zubair Killed: मेरठ जिले में STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बुधवार को मुठभेड़ के दौरान कुख्यात बदमाश जुबैर ढेर हो गया। जुबैर ₹1 लाख का ईनामी बदमाश था। वह मेरठ में एक व्यापारी की हत्या करने के लिए आया था। ईनामी बदमाश की मौत के बाद उसकी बहन ने सख्त चेतावनी दी है। जुबैर की बहन की चेतावनी के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है।
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात बदमाश जुबैर के शव का मेरठ मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम किया गया। मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम के बाद शव लेने पहुंची जुबैर की बहन मुबश्शिरा ने सीधी चेतावनी दी है। भाई की मौत से आहत मुबश्शिरा ने चेतावनी देते हुए कहा कि मेरा एक शेर चला गया तो क्या हुआ, अभी 2 जिंदा हैं। देखना अभी कितने जनाजे उठेंगे। चेतावनी देने के बाद जुबैर की बहन परिजनों का के साथ शव लेकर घर चली गई।
जुबैर की बहन मुबश्शिरा की चेतावनी के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। जुबैर के पोस्टमॉर्टम के दौरान मेडिकल कॉलेज परिसर और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भारी फोर्स तैनात की थी। पोस्टमॉर्टम के दौरान जुबैर के मेडिकल कॉलेज परिसर में जुबैर के समर्थकों की भीड़ लगी रही। फिलहाल, जुबैर के परिजन उसका शव लेकर अलीगढ़ चले गए हैं।
जुबैर मूल रूप से अलीगढ़ का निवासी था। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी सक्रिय था। जुबैर ने 24 दिसंबर 2025 को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में शिक्षक राव दानिश हिलाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह मुनीर गैंग का बदमाश था और उसके खिलाफ हत्या, लूट और डकैती के 43 मामले दर्ज हैं।
STF के ASP बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि जुबैर पहले मुनीर गैंग का शॉर्प शूटर था। वह गिरोह के लिए वारदात को अंजाम देता था। बिजनौर के स्योहारा कस्बे के सहसपुर से 12वीं में फेल होने के बाद वर्ष 2009 में वह AMU में दाखिला लेने के लिए पहुंचा था। इसके बाद वह अपराध के रास्ते पर चल पड़ा। जुबैर ने गैंग से जुड़े यासिर-फहद की मदद से पिस्टल खरीदकर सोशल मीडिया पर 'द किलिंग मशीन ए गैंग' नाम से ग्रुप बनाया। इस गैंग के जरिए जुबैर ने कई वारदातों को अंजाम दिया।
मुनीर गैंग में अलीगढ़ के जुबैर के अलावा फर्रुखाबाद का आशुतोष मिश्रा, अंबेडकर नगर के टांडा का सऊद, बिहार का अतीउल्लाह और आजमगढ़ का शादाब शामिल था। इस गिरोह ने ही NIA के डीएसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या की थी। DSP तंजील, पाकिस्तानी घुसपैठ मामले की जांच कर रहे थे। उसी दौरान मुनीर की गिरफ्तारी हुई थी। तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या का दोषी करार देते हुए मुनीर और उसके साथी रयान को 21 मई 2022 को बिजनौर के ADJ कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी।
तबीयत बिगड़ने के बाद मुनीर को इलाज के लिए BHU में भर्ती कराया गया था। BHU में इलाज के दौरान 21 नवंबर 2022 को मुनीर की मौत हो गई थी। मुनीर की मौत के बाद जुबैर ने गैंग की कमान अपने हाथों में ले ली और कई वारदातों को अंजाम दिया। जुबैर के 2 भाई भी मुनीर गैंग में शामिल हैं। पुलिस जुबैर के दोनों भाइयों की तलाश कर रही है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में जुबैर का शव लेने पहुंची उसकी बहन ने इन्ही दोनों भाइयों का जिक्र किया है।
Updated on:
14 May 2026 03:47 pm
Published on:
14 May 2026 03:35 pm
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