
Meerut news अवैध संबंधों का विरोध करने पर अपने पड़ोसी का गला काट देने के आरोपी को बुधवार तड़के मेरठ पुलिस ने घेर लिया। पुलिस के ही मुताबिक खुद को घिरा हुआ देख आरोपी ने पुलिस पार्टी पर ही फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि किसी को गोली नहीं लगी। हर बार की तरह इस बार भी आरोपी का निशाना चूक गया और पुलिस की गोली सीधी आरोपी के पैर में लगी। इस तरह हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। मुठभेड़ के बाद आरोपी को अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
इस मामले में पुलिस एक आरोपी ग्यासुद्दीन पुत्र मरहूम शमशुद्दीन उर्फ शहजाद निवासी मजीदपुरा थाना हापुड़ को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस गिरफ्तारी के बाद से पुलिस को कफील पुत्र लईक निवासी ईदगाह रोड निवासी हापुड़ की तलाश थी। मंगलवार-बुधवार की रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अजराड़ा स्थित गंगा एक्सप्रेस-वे के काली नदी पुल के पास है। इसी सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर ली। घेराबंदी करने वाली पुलिस टीम का कहना है कि खुद को घिरता हुआ देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस की ओर से गोली चलाई गई। एक गोली आरोपी के पैर में लगी। गोली लगने से वह घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा। घायल हालत में इसे पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल में आरोपी का उपचार चल रहा है।
24 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि इलाहाबाद मड़ैया गांव के पास एक युवक जंगल में पड़ा हुआ है जिसकी गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया गया है और खून बह रहा है। इस सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल को आनन-फानन में अस्पताल में भिजवाया गया। प्राथमिक पूछताछ में पता चला कि एक ई-रिक्शा में तीन लोग आए थे। उनमें से दो ने तीसरे का गला काट दिया और उसे जंगल में फेंककर ई-रिक्शा से वापस लौट गए। इस सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और घायल साजिद पुत्र जमील अहमद निवासी मजीदपुरा निवासी हापुड़ गांव अजराड़ा को अस्पताल भर्ती कराया गया। इस मामले में पुलिस की ओर से थाना मुण्डाली पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
घायल साजिद पुलिस को कुछ भी बताने के काबिल नहीं था। उससे ना तो बोला जा रहा था और ना ही कुछ जानकारी लिखित में दी जा रही थी ।इस पर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। बाद में वारदात की विवेचना के दौरान सबसे पहले ग्यासुद्दीन पुत्र शमशुद्दीन उर्फ शहजाद निवासी मजीदपुरा थाना हापुड़ का नाम सामने आया। इसके बाद कफील पुत्र लईक निवासी ईदगाह रोड जनपद हापुड़ का नाम सामने आया। ग्यासुद्दीन को पुलिस ने 29 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। ग्यासुदीन ने खुद अपनी गिरफ्तारी दी और वारदात में इस्तेमाल किया गया छुरा भी बरामद करवा दिया। यहां पुलिस की मुश्किल काफी आसान हो गई। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच पड़ताल को आगे बढ़ाया।
अब पुलिस को कफील की तलाश थी। गंगा एक्सप्रेस-वे के काली नदी पुल के नीचे से पुलिस ने इसे भी गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से पुलिस ने एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस बरामद होने की बात कही है। प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि कफील का साजिद के परिवार की पहचान की किसी महिला के साथ संबंध थे। साजिद ने इसका विरोध किया था और कफील को सभी के सामने उस महिला से दूर रहने की हिदायत दी थी। इसी का बदला लेने के लिए कफील ने साजिद की हत्या की साजिश रची। अपने साथी के साथ मिलकर उसकी गर्दन काट दी और फिर उसे मरा हुआ समझकर जंगल में फेंक गए। इस मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर चौकी प्रभारी समेत दो को स्सपेंड भी किया जा चुका है।