मेरठ

भीम आर्मी ने RSS के छुड़ाए पसीने, होली से भी किया किनारा

होली पर रंगों का बहिष्कार

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Mar 02, 2018

मेरठ. मेरठ जिले में भीम आर्मी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने होली पर रंगों का बहिष्कार किया। उनका कहना है कि जब तक भाजपा सरकार जेल में बंद चंद्रशेखर उर्फ रावण को आजाद नहीं करती वे लोग कोई भी त्योहार नहीं मनाएंगे। मेरठ में भीम आर्मी के प्रमुख सुशील गौतम ने कहा कि सहारनपुर में भीम आर्मी के सदस्यों और पदाधिकारियों की हुई मीटिंग के बाद यह निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर की रिहाई के लिए अब आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसके लिए अब पूरे उप्र में जनप्रनिधियों के आवास पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यह धरना-प्रदर्शन तब तक चलेगा जब कि भीमआर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर की रिहाई सरकार नहीं कर देती है।

सभी हिन्दू त्यौहारों का करेंगे बहिष्कार

भीम आर्मी के मेरठ प्रमुख डा. सुशील गौतम ने कहा कि हम इस होली और रंगों का बहिष्कार कर रहे हैं। भाजपा सरकार दलित विरोधी है। केंद्र और प्रदेश में जो सरकार है वह दलितों के उत्पीडन पर आधारित है। उनकी नीति दलितों के खिलाफ है। राष्ट्रोदय कार्यक्रम में भी दलितों के महापुरूषों को आरएसएस ने अछूत की संज्ञा दी है। सहारनपुर के शब्बीरपुर की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद भाजपा सरकार ने चंद्रशेखर पर रासुका लगाई है।

चंद्रशेखर के अलावा दो अन्य लोगों पर भी रासुका लगाई गई है। जो सरासर कानूनन गलत है। उन्होंने कहा सरकार की इस कार्रवाई के विरोध में हमने यह निर्णय लिया है कि हम इस होली पर रंगों का बहिष्कार करते हैं। इसके अलावा हिन्दुओं के जो त्योहार ब्राहमण वादी सोच के हैं उनका भी बहिष्कार करते हैं। यह बहिष्कार तब तक जारी रहेगा जब कि हमारी भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के अलावा अन्य दो लोगों की रिहाई नहीं हो जाती।

बनाई जा रही है बड़ी रणनीति
डा. सुशील गौतम ने कहा कि सहारनपुर में गत दिनों भीम आर्मी की एक बडी बैठक हुई। जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि दलितों के सभी संगठनों को एक मंच पर लाने का कार्य किया जाए और सभी लोग मिलकर आंदोलन चलाए। भाजपा सरकार की दलित विरोधी नीतियों को लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया जाए।

Published on:
02 Mar 2018 06:29 pm
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