मेरठ

इस भाजपा सांसद को हैट्रिक जमाने के लिए बहाना पड़ेगा पसीना, गठबंधन से मिल रही कड़ी चुनौती, देखें वीडियो

पार्टी में विरोध के बावजूद टिकट हासिल करने में सफल रहे भाजपा सांसद

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Mar 22, 2019
इस भाजपा सांसद को हैट्रिक जमाने के लिए बहाना पड़ेगा पसीना, गठबंधन से मिल रही कड़ी चुनौती, देखें वीडियो

मेरठ। मेरठ-हापुड़ लोकसभा से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद से भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार भी जनता उन पर भरोसा करेगी और चुनाव जितवाकर लोकसभा भेजेगी। भाजपा के घोषित उम्मीदवार राजेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि इस बार उनके एजेंडे में सबसे ऊपर हाईकोर्ट बेंच बनवाना है। इसके अलावा हस्तिनापुर रेलवे लाइन की मंजूरी भी उनकी प्राथमिकता होगी। लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा ने तीसरी बार फिर राजेन्द्र अग्रवाल पर भरोसा जताया है। वह सर्वप्रथम 2009 में सांसद बने थे। इसके बाद लगातार दूसरी बार 2014 में सांसद बनें। सांसद राजेंद्र अग्रवाल को संगठन के फायदे के कारण ही टिकट लेने में कामयाब हो पाए, जबकि उनका क्षेत्र में और संगठन में भारी विरोध था।

संगठन मंत्री रामलाल की पसंद

भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की पसंद माने जाते हैं। इसके अलावा राजेंद्र लंबे समय तक संघ के प्रचारक रहे हैं। पिछले चुनाव 2014 में भी उनका भारी विरोध हुआ था, लेकिन 2014 में मोदी लहर के दौरान कई अन्य दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने दोबारा टिकट हासिल किया।

पंचायत सदस्यों ने किया था विरोध

इस बार टिकट के लिए भाजपा ने कई चरण में सर्वे किया था। सात जिला पंचायत सदस्यों ने प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडे से मिलकर राजेन्द्र को टिकट न देने की अपील की थी,किन्तु संघ के करीबी राजेन्द्र टिकट की हैट्रिक पूरी कर गए।

जीत की हैट्रिक लगाना चुनौती

अब जीत की हैट्रिक जमाने की चुनौती होगी। इस बार हालात पहले जैसे नहीं है। भाजपा प्रत्याशी पिछले दस साल से मेरठ-हापुड़ लोकसभा से सांसद हैं। वह जनता के बीच अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर वोट मांगने जा रहे हैं। जो कि जनता की नजरों में बेहतर नहीं है। वहीं इस बार गठबंधन भी उनके लिए नई चुनौती पेश कर रहा है। गठबंधन की तरफ से हाजी याकूब कुरैशी प्रत्याशी हैं। वहीं कांग्रेस ने भी हरेन्द्र अग्रवाल को टिकट देकर वैश्य कार्ड खेला है। ऐसे में तीसरी बार भाजपा प्रत्याशी राजेन्द्र अग्रवाल की राह आसान नहीं है।

Updated on:
22 Mar 2019 09:34 pm
Published on:
22 Mar 2019 07:50 pm
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