मेरठ

इस अहम सीट के टिकट पर भाजपा में घमासान, लगातार दो बार के सांसद की खिलाफत, देखें वीडियो

जिला पंचायत सदस्यों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर जताया विरोध

2 min read
Mar 16, 2019
इस अहम सीट के टिकट पर भाजपा में घमासान, लगातार दो बार के सांसद की खिलाफत

मेरठ। मेरठ भाजपा में घमासान मचा हुआ है। वर्तमान सांसद राजेन्द्र अग्रवाल को टिकट देने का विरोध हो रहा है। खुद भाजपाई ही सांसद राजेन्द्र अग्रवाल के विरोध में उतर आए हैं। बता दें कि आज से कई माह पूर्व भाजपा ने अपने सांसदों का गुपचुप तरीके से सर्वे कराया था। इस सर्वे में भी सांसद राजेन्द्र अग्रवाल की रिपोर्ट कुछ खास नहीं थी। सर्वे में लोगों ने सांसद के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी। शुक्रवार को भी प्रदेशाध्यक्ष से मिलकर पांच जिला पंचायत सदस्यों ने सांसद राजेन्द्र अग्रवाल को टिकट दिए जाने का विरोध जताया।

टिकट को लेकर भाजपा में घमासान

बता दें कि मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट हमेशा से ही भाजपा के लिए पश्चिम उप्र में प्रमुख रही है। इस सीट पर भाजपा का दबदबा पिछले दो चुनाव से बना हुआ है। हिन्दू और मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण के कारण यह सीट भाजपा के लिए मुनाफे का सौदा साबित होती रही है, अब जबकि चुनाव की तिथि घोषित हो चुकी है, स्वाभाविक सी बात है कि उम्मीदवारों की भी घोषणा होगी ही। कई भाजपाइयों ने आलाकमान के यहां टिकट को लेकर अपनी दावेदारी जताई है। इनमें वर्तमान सांसद राजेन्द्र अग्रवाल भी शामिल हैं। वर्तमान सांसद की दावेदारी अन्य भाजपाइयों पर भारी पड़ रही है। दो बार से सांसद रह चुके राजेन्द्र अग्रवाल अपने कार्यकाल के दौरान अपनी उपलब्धियों को लेकर टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। वहीं भाजपा में उनके विरोधी गुट के लोग उनके टिकट के खिलाफ उतर आए हैं। उनका कहना है कि सांसद राजेन्द्र अग्रवाल दो बार सांसद रहे लेकिन वे एक बार भी क्षेत्र में नहीं गए। आरोप है कि वे सिर्फ मीडिया में अपनी उपलब्धियों का बखान करते रहे।

प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर जताया विरोध

उनके विरोधियों का कहना है कि सांसद राजेन्द्र अग्रवाल का जनता के बीच जबरदस्त विरोध है। प्रदेशाध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडे से भी मिलकर भाजपाइयों ने वर्तमान सांसद का विरोध किया था। वहीं इस बारे में जब सांसद से बात की गई तो उनका कहना था कि सभी को अपनी बात कहने का हक है। मैंने क्या काम किए, ये जनता और नेतृत्व समझता है। इससे अधिक मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है। जिलाध्यक्ष रविन्द्र भड़ाना ने कहा कि उन्हें इस मामले में कुछ नहीं बोलना है। जो भी निर्णय शीर्ष का होगा उसका पालन किया जाएगा।

Updated on:
16 Mar 2019 12:26 pm
Published on:
16 Mar 2019 11:33 am
Also Read
View All