अब निजी अस्पतालों में करवा पाएंगे इलाज, एक साल में परिवार के पांच सदस्यों को तीस हजार रुपये का फ्री इलाज
मेरठ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के छठे चरण में नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इसके अंतर्गत बीपीएल परिवारों के बुजुर्गों को बीमा का अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा। जिले स्तर पर इस योजना के दायरे में आने वाले परिवारों का आंकड़ा जुटाना शुरू किया गया है। बीमा योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है। उन्हें जारी स्मार्ट कार्ड पर वे एक साल में परिवार के पांच सदस्यों का 30 हजार रुपये तक का इलाज मुफ्त करा सकते हैं। इस बार योजना की खास बात है कि इसमें सरकारी अस्पतालों के अलावा इसमें निजी अस्पतालों को भी जोड़ा गया है। सितंबर 2015 में योजना बंद कर दी गर्इ थी। इसके बाद से गरीब परिवार योजना के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। अब केंद्र सरकार ने योजना के छठे चरण को मंजूरी दी है।
यह है खास बातें
छठे चरण में खास बात यह है कि पांच सदस्यों को साल में 30 हजार रुपये का इलाज तो मिलेगा ही, इसके अलावा परिवार में 60 वर्ष से अधिक आयु के प्रति सदस्य को वार्षिक 30 हजार रुपये के इलाज की सुविधा अलग से दी जाएगी। योजना को लेकर जिला स्तर पर काम शुरू हो गया है। स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए परिवारों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है।
30 रुपये का पंजीकरण शुल्क
आरएसबीवाई में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा मनरेगा श्रमिक परिवार, स्वच्छकार और रिक्शा चालकों को भी पंजीकृत कर योजना में शामिल करते हुए स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके लिए उनसे 30 रुपये का पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा।
यहां होगा सत्यापन
इसके अंतर्गत पात्र परिवारों के सत्यापन की भी कवायद की जाएगी। इसके लिए फील्ड की आॅफिसर (एफकेओ) के रूप में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम विकास अधिकारी तथा लेखपालों को नियुक्त किया जाएगा। ये गांवों में पहुंचकर पंजीकृत परिवारों की पात्रता का सत्यापन करेंगे। सीडीओ आर्यिका आखौरी ने बताया कि पात्र परिवारों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को लगाया गया है।