पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR, रातभर थाने के बाहर भटकते रहे पीड़ित के परिजन
बागपत. महिला सुरक्षा और क्राइम कंट्रोल के नाम पर सत्ता में आई योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। हालात ये है कि घर से लेकर स्कूल, कॉलेज और बाजार या सड़क कहीं भी महिलाएं और बच्चियां महफूज नहीं है। कोई दिन ऐसा नहीं जाता है कि जब कहीं से किसी महिला के साथ बलात्कार या सामूहिक बलात्कार की खबरें नहीं आती हो। ऐसा लगता है कि मानो अपराधियों के मन से पुलिस-प्रशासन या फिर कानून का खौफ बिल्कुल ही खत्म हो चुका है। ताजा माला बागपत जिले का है। यहां एक युवती के साथ अपहरण कर चलती गाड़ी में गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया। जब इन वहशियों का मनभर गया तो इन दरिंदों ने वारदात के बाद देर रात युवती को बदहवास हालत में कलक्ट्रेट के बाहर हाई-वे किनारे फेंक गए। सड़क किनारे बदहवास हालत में पड़ी पीड़िता को राहगीरों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। गैंगरेप का आरोप 5 दरिंदों पर लगा है। बताया जाता है कि इन दरिंदों ने युवती को उसके घर से नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा किया था। इसके बाद रातभर परिजन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली में पड़े रहे, लेकिन पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज नहीं किया।
मामला बड़ौत कोतवाली क्षेत्र का है, जहां बड़ौत कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर बचन सिंह सिरोही गैंगरेप पीड़िता का मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया। रातभर पीड़िता के परिजनों को थाने के बाहर खड़े रहने को मजबूर कर दिया। रातभर गैंगरेप पीड़िता का परिवार थाने के बाहर खड़ा रहा, लेकिन इंसपेक्टर बचन सिंह सिरोही ने तहरीर लेना तक मुनासिब नही समझा और पीड़ित परिवार को सीमा विवाद में उलझाये रखा। दरअसल, कोतवाली बड़ौत क्षेत्र के हिलवाड़ी गांव से बीते शनिवार एक युवती का 5 लोगों ने उस वक्त अपहरण कर लिया था, जब वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान दो युवक जिन्हें वह जानती थी। वे दोनों लोग उनके घर आए और धोखे से उसे नशीला पदार्थ दे दिया और फिर गाड़ी में डालकर फ़रार हो गए। परिजन घर पर नहीं थे और जब पहुंचे तो घर मे युवती को न पाकर इधर-उधर तलाश किया, लेकिन कही पता नहीं चला। इसके बाद अगले दिन युवती के बदहवास हालत में जिला कलक्ट्रेट के बाहर पड़े होने की सूचना मिली, जिसके बाद किसी ने लड़की को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
यह भी पढ़ेंः यूपी के इस जिले में 50 दलित परिवरों ने किया इस्लाम धर्म अपनाने का ऐलान, प्रशासन में मचा हड़कंप
अस्पताल में इलाज के बाद जब पीड़िता होश में आई तो उन्होंने आप बीती सुनाई। पीड़िता की माने तो 5 लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया। पहले चलती गाड़ी में उसके साथ हैवानियत की गई। फिर एक सुनसान जगह पर उसे ले जाकर रेप की घटना को अंजाम दिया गया। उसके बाद उसे कुछ नहीं पता कि किया हुआ। इसके बाद उसने खुद को कलेक्ट्रेट पर पाया, जिसके बाद इसकी सूचना उसने परिजनों तक पहुचाई। गैंगरेप पीड़िता की माने तो वह तीन आरोपियों को पहचानती हैं, जो कि जिले के ही लधवाड़ी गांव के रहने वाले हैं। वहीं, इस वहशीपन को अंजाम देने वाले दो लोग अनजान थे। वही इस पूरे मामले पर पुलिस के आलाधिकारी चुप्पी साधे हुए है जबकि परिवार न्याय के लिए थानों के चक्कर लगा रहा है।