
मेरठ। जुमे की नमाज सड़कों पर नहीं करने की एसएसपी की चेतावनी के बाद मुस्लिम संगठनों ने हालांकि इसका विरोध किया है, लेकिन कोई भी खुलकर सामने नहीं आया। नायब शहर काजी की एसएसपी अजय साहनी के साथ हुई मुलाकात के बाद एसएसपी ने साफ कर दिया है कि ट्रैफिक समस्या को देखते हुए जुमे की नमाज सड़कों पर नहीं होगी। बसपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली ने इस पर अपना विरोध जताया है। उनका कहना है कि जुमे की नमाज सड़कों पर रोक लगाने के पीछे सियासी ताकतें हैं। हमारा इस निर्णय पर विरोध है।
मुनकाद अली ने ये कहा
मेरठ में जुमे की नमाज सड़कों पर नहीं होने देने की एसएसपी की चेतावनी के बाद मुनकाद अली ने कहा है कि यह ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर नहीं बल्कि तानाशाह सरकार और फिरकापरस्त ताकतें वर्ग विशेष का उत्पीडऩ कर रही हैं। जुमे की नमाज में काफी संख्या में लोग शोम होते हैं, इससे कम स्थान की वजह से सड़कों पर नमाज अदा की जाती है। सड़कों पर जुमे की नमाज पर रोक लगाने के पीछे सियासी ताकतें हैं। उसी मानसिकता के अफसरों को जिलों में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा एसएसपी के इस निर्णय पर विरोध रहेगा।
सड़क पर दो मस्जिदों में नमाज
मेरठ शहर में दो मस्जिदों में जुमे की नमाज सड़कों पर होती है। इनमें इमलियान और लालकुर्ती स्थित मस्जिद शामिल हैं। रिपोर्ट में यह सामने आया है कि जुमे के दिन इन दोनों मस्जिदों में ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ जाती है, क्योंकि सड़क पर नमाज होती है। एसएसपी ने इस समस्या को देखते हुए नमाज मस्जिदों के अंदर ही पढऩे की बात कही है। इस मामले को लेकर नायब शहर काजी जैनुस राशिद्दीन कई लोगों के साथ एसएसपी से मिले थे। उन्होंने कहा कि एसएसपी ने जुमे की नमाज मस्जिदों में पढऩे की बात कही है। इस पर लोगों से कहा गया है कि वे मस्जिद के अंदर ही नमाज पढ़ें।