मेरठ

सीडीए का ऑडिटर मांग रहा था रिश्वत, सीबीआई ने दर्ज किया केस

Highlights - लखनऊ स्थित कंम्प्यूटर कंपनी मालिक से मांग रहा था रिश्वत- बिल भुगतान के लिए प्रति बिल मांगा दो प्रतिशत कमीशन
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Mar 01, 2021
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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. सीबीआई ने कंट्रोलर ऑफ डि़फेंस अकाउंट्स (सीडीए) मेरठ के ऑडि़टर आशुतोष यादव को रिश्वत लेने के आरोप में केस दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ऑडि़टर के खिलाफ लखनऊ स्थित सेंचुरी कंप्यूटर के मालिक ने भुगतान के एवज में सात हजार रुपए की रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।

सीबीआई के मुताबिक, सेंचुरी कंप्यूटर्स के मालिक अब्दुल हलीम ने सीबीआई में शिकायत की थी कि उन्होंने जेम के माध्यम से विगत दो दिसंबर 2020 को मेरठ स्थित डि़पार्टमेंट ऑफ मिलेट्री अफेयर्स से सात कंप्यूटरों की सप्लाई का आर्ड़र 2.06 लाख रुपए पर प्राप्त किया था। कंप्यूटरों की आपूर्ति करने के बाद भुगतान के लिए बिल भेज दिया था। इसके बाद में उनको पता चला कि उनके बिल को सीडीए के ऑडि़टर आशुतोष यादव ने लंबित रख दिया है। जब उन्होंने आशुतोष यादव से संपर्क साधा तो उसने भुगतान के लिए दो फीसदी का कमीशन रिश्वत के रूप में मांगा। साथ ही पूर्व में सेंचुरी कंप्यूटर्स द्वारा आगरा में आर्मी बेस को आपूर्ति किए गये पांच लाख रुपए के बिल का भुगतान भी उसने ही किया था और उसका भी दो फीसदी कमीशन देना होगा। जब उन्होंने पूछा कि रिश्वत की रकम किसको देनी होगी तो आशुतोष ने कहा कि इसके बारे में वह वॉटसऐप पर बता देगा।

इसके बाद ऑडि़टर ने किसी कमल भट्ट का स्टेट बैक ऑफ इंडि़या का अकाउंट नंबर उनके वॉटसऐप पर भेजा और कॉल करके कहा कि अगर 23 फरवरी तक रिश्वत के दस हजार रुपए दे दोगे तो 26 फरवरी तक भुगतान कर दिया जाएगा। इस पर उन्होंने कहा कि वह केवल पांच हजार रुपए ही दे सकते हैं। बाद में उनके बीच सात हजार रुपए देने पर सहमति बन गई। अब्दुल हलीम ने लखनऊ स्थित सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच में इसकी शिकायत की थी, जो प्रारंभिक जांच में सही पायी गई। इसके बाद सीबीआई ने ऑडि़टर आशुतोष यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।

Published on:
01 Mar 2021 04:03 pm