
बागपत।योगी सरकार भले ही करप्शन को जड़ से खत्म करने का नारा लगाती हो, लेकिन यह थमने का नाम नहीं ले रहा हैं।दरअसल उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एेसा मामला सामने आया है।जहां तीन साल के बच्चे को जिला अस्पताल में लाया गया था।जहां उसकी मौत हो गर्इ।इतना ही नहीं आरोप है कि बच्चे की मौत के उसके शव का पोस्टमार्टम के लिए कर्मचारी ने उनसे रुपयों की मांग की।जब उन्होंने इसकी शिकायत सीएमआे से की। तो उन्होंने यह बड़ा कदम उठा लिया।
वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें-बागपत में पोस्टमार्टम के लिए मांगी गई 1 हजार की रिश्वत
शव के पोस्टमार्टम पर की यह डिमांड
दरअसल किसी की मानवता इतनी गिर सकती है कि मर जाने पर उसके शव की भी कीमत लगाई जाए।लेकिन कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है बागपत जनपद में जहां इंसानियत शर्मशार हुई और मामला है जिला अस्पताल में स्थित पोस्टमार्टम हाउस का है।यहां सड़क दुर्घटना में जान गवा चुके तीन साल के बच्चे के शव को लाया गया था।इसका पोस्टमार्टम होना था।वहीं आरोप है कि शव का पोस्टमार्टम से पहले ही वहां तैनात एक कर्मचारी ने मृतक बच्चे के परिजनों से पोस्टमार्टम से पहले 1000 हजार रुपये रिश्वत मांगी। जब तक परिजनों ने रिश्वत नहीं दी।तब तक बच्चे का पीएम नहीं किया गया।इस पर परिजनों ने एक हजार रुपये देकर पोस्टमार्टम कराया।
सीएमआे ने जानकारी मिलते ही उठाया ये कदम
वहीं परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम होने के बाद इस मामले को लेकर जमकर हंगामा किया और इसकी शिकायत सीएमओ से की।सीएमओ ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए आरोपी कर्मचारी को तुरंत सस्पेंड कर दिया और रिश्वत के 1000 रुपये परिजनों को वापस दिलाये।