Scrub Typhus in Meerut कोरोना संक्रमण के बीच अब मेरठ में स्क्रब टाइफस की दस्तक हो गई है। स्क्रब टाइफस से मेरठ में एक बच्चे की मौत हो गई है। बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर उसका इलाज चल रहा था। स्क्रब टाइफस की पुष्टि के लिए बच्चे का रैपिड कार्ड जांच किया गया था। जिसमें उसे स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चिकित्सकों ने स्क्रब टाइफस का इलाज शुरू किया था। इस बीमारी से मौत का जिले में यह पहला केस है।

Scrub Typhus in Meerut जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती स्क्रब टाइफस पीड़ित बच्चे की रात मौत हो गई। स्क्रब टाइफस से पीड़ित बच्चे का एलाइजा टेस्ट के लिए भेजा गया है। हालांकि रैपिड कार्ड में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई थी। स्क्रब टाइफस से जिस बच्चे की मृत्यु हुई है उसका नाम अहमद है और वह जानी थाना क्षेत्र के गांव टीकरी का रहने वाला है। स्क्रब टाइफस की पुष्टि के बाद ही अहमद का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था।
सीएमओ डा0 अखिलेश मोहन ने बताया कि स्क्रब टाइफस से एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। हालांकि अभी पूरी तरह से कुछ कहा नहीं जा सकता है। एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वहीं बच्चे का इलाज करने वाले चिकित्सक डा0संदीप ने बताया कि अस्पताल की लैब में बच्चे को स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद उसका एलाइजा टेस्ट मेडिकल के माइक्रोबायलाजी लैब में भेज दिया गया था। बच्चा पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। इलाज के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
वहीं स्क्रब टाइफस से मृत बच्चे अहमद के पिता सलीम का कहना है कि उसको कई दिन से बुखार आ रहा था। अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां अहमद की दोनों किडनी भी फेल हो गईं थी। लाख कोशिशों के बाद भी उसको नहीं बचाया जा सका। सीएमओ मेरठ डा0 अखिलेश मोहन ने बताया कि बीमारी से बचाव के लिए बच्चों को जंगल और झाड़ी खेत जैसी जगह पर जाने से बचाना चाहिए। इसके अलावा अगर किसी को बुखार होता है तो उसको तुरंत चिकित्सक को दिखाकर इलाज शुरू कर देना चाहिए। इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। जरा सी लापरवाही जिदंगी पर भारी पड़ सकती है।