कांग्रेस ने मेरठ-हापुड़ लोक सभा सीट पर हरेंद्र अग्रवाल को बनाया उम्मीदवार, डा. आेपी शर्मा का पत्ता कटा
मेरठ। कांग्रेस ने 48 घंटे के भीतर मेरठ-हापुड़ लोक सभा सीट पर अपन उम्मीदवार बदलते हुए अब वैश्य कार्ड खेला है। कांग्रेस हार्इकमान ने पहले इस सीट से सीनियर एडवोकेट डा. आेपी शर्मा को टिकट दिया था, लेकिन सोमवार को अपना निर्णय बदलते हुए उन्होंने हरेंद्र अग्रवाल को मेरठ-हापुड़ सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया है। कांग्रेस ने वैश्य कार्ड खेलकर भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, क्योंकि इससे भाजपा को वोट टकराव की नौबत देखनी पड़ सकती है। स्वतंत्रता सेनानी आैर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास के पुत्र हरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि वह किसानों आैर मेरठ के विकास के लिए काम करेंगे। मूल रूप से बुलंदशहर निवासी हरेंद्र अग्रवाल लंबे समय तक मेरठ में रहे आैर अब वह गाजियाबाद में रह रहे हैं। हरेंद्र अग्रवाल के पिता बाबू बनारसी दास 27 फरवरी 1979 से 17 फरवरी 1980 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। हरेंद्र के छोटे भार्इ अखिलेश दास बसपा से राज्य सभा सदस्य रह चुके हैं।
भाजपा की मुश्किल बढ़ेंगी
कांग्रेस ने मेरठ-हापुड़ सीट पर ब्राह्मण के बाद अब वैश्य कार्ड खेलकर यहां चुनावी मुकाबला रोमांचक बना दिया है, क्योंकि मेरठ में वैश्य समाज के दो उम्मीदवारों के खड़े होने का मतलब भाजपा को सीधे नुकसान पहुंचना है। एेसे में सपा-बसपा के गठबंधन के उम्मीदवार को फायदा मिल सकता है।
फीस जमा कर चुके थे
कांग्रेस ने पहले इस सीट से अपना उम्मीदवार डा. आेपी शर्मा को बनाया था, लेकिन 48 घंटे में अपना फैसला बदलते हुए हरेंद्र अग्रवाल को टिकट दिया है। सोमवार को पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन शुरू हुआ था, इसमें डा. आेपी शर्मा नामांकन पत्र लेने के साथ-साथ फीस भी जमा चुुके थे।