मेरठ

गजब: मृत युवती को लगा दी कोरोना वैक्सीन, जारी किया प्रमाणपत्र

सीएचसी प्रभारी सरधना डॉक्टर अमित कुमार त्यागी का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है।
2 min read
• •
Updated: 15 Sep 2021, 10:44 AM IST
corona_vaccine.jpg
भुवनेश पंड्या कोरोना अब आने लगा काबू में: 22.70 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर गिरकर अब 0.08 हुई - कुल 8.92 प्रतिशत लोग कोरोना की चपेट में - सवा छह लाख से अधिक नमूने जांचे, 17 सितम्बर तक 56397 लोग संक्रमित उदयपुर. जिले में अब कोरोना काबू में आने लगा है। कुछ माह पहले जहां पॉजिटिविटी प्रतिशत ने अधिकतम 22.70 के आंकड़े को छुआ था, वह अब गिरकर 0.08 प्रतिशत हो गया है। हालांकि जिला प्रशासन से लेकर चिकित्सा विभाग ने अब भी संक्रमण को लेकर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य कर रखा है ताकि लोगों की सतर्कता से मरीजों की संख्या काबू में रहे। पहले जैसे हालात नहीं बने। हालांकि विभाग की ओर से जारी मौत के सरकारी आंकड़े कम है। यानी विभाग ने अब तक कुल मौतों की संख्या 754 दर्शाई है, जबकि हकीकत में जिले में एक हजार से अधिक लोग कोरोना का शिकार हुए हैं। ------- माहवार स्थिति - पॉजिटिविटी दर के साथ माह- कुल नमूने- कुल पॉजिटिव- पॉजिटिविटी प्रतिशत - मौत (विभागानुसार) मार्च 20/ -30-0-0-0 अप्रेल 20/ 2293- 15- 0.65- 0 मई 20/14876- 539-3.62- 2 जून 20/ 16778- 159- 0.95-1 जुलाई 20/28176- 591- 2.10-13 अगस्त 20/48539-1503-3.10- 16 सितम्बर 20/25029-1679-6.71-17 अक्टूबर 20/ 27160-2339-8.61-22 नवम्बर20/ 24477-2412-9.85-24 दिसम्बर 20/34870- 2091-6.00- 16 जनवरी 21/23472-448-1.91-6 फरवरी 21/17100-217-1.27-7 मार्च 21/ 34200-1299-3.80-7 अप्रेल 21/94476-21448-22.70-156 मई 21/ 94673-20843-22.02-371 जून 21/ 56883-587-1.03-81 जुलाई 21/ 40452-145-0.36-15 अगस्त 21/ 36952- 73-0.20-0 सितम्बर 21- 11994-9-0.08-0 --------- कुल- 632430- 56397- 8.92- 754 -------- सवा छह लाख से अधिक कोरोना के नमूने जांचे जिले में गत 18 माह और 17 दिनों में 6 लाख 32 हजार 430 नमूनों की जांच की गई है। इसमें से अब तक 56397 लोग संक्रमित सामने आए है। कुल 8.92 प्रतिशत लोग कोरोना की गिरफ्त में आए हैं। - जिले में बीते शुक्रवार तक 56397 में से 55636 लोग डिस्चार्ज किए गए हैं। इसके अलावा अब केवल 7-7 लोग होम आइसोलेशन व एक्टिव मरीजों की केटेगरी में है। ------- कोरोना प्रोटोकॉल का करें नियमित पालन अब कोरोना का संक्रमण काफी कम हो चुका है, लेकिन कोरोना प्रोटोकॉल का हमें नियमित पालन करना ही है। सरकार तीसरी लहर का अंदेशा जता रही है। ऐसे में हम पूरी सतर्कता बरतें। फिलहाल हमने तीसरी लहर की तैयारी कर ली है, लेकिन आशा है कि अब हालात सामान्य रहें तो बेहतर हैं। डॉ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ, उदयपुर

मेरठ. स्वास्थ्य विभाग को कोरोना का इतना खौफ सता रहा है। विभाग को लगता है कि मृत लोगों से भी कोरोना फैल सकता है इसलिए मृतकों को भी मेरठ में वैक्सीन लगाई जा रही है। जिले में ऐसा ही कारनामा सीएचसी सरधना में किया गया। जहां पर चार महीने पूर्व मृत युवती को कोविड वैक्सीन लगा दी गई। मृत युवती को वैक्सीन लगाने के बाद विभाग ने बकायदा इसकी जानकारी उसके भाई के मोबाइल पर मैसेज भेजकर दी।

सरधना सीएचसी का कारनामा

भाई के मोबाइल पर मैसेज पहुंचा तो उसे ज्ञात हुआ कि उसकी मृतक बहन को भी कोविड वैक्सीन लगाई जा चुकी है। सरधना सीएचसी का कारनामे का खुलासा होने के बाद विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई है। जिम्मेदार अधिकारी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

ये है पूरा मामला

जिले के सरधना थाना क्षेत्र के मोहल्ला सराय अफगनान निवासी फरहा पुत्री अख्तर का चार माह पूर्व बीमारी के चलते देहांत हो चुका है। उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी नगर पालिका से जारी हो चुका है। युवती फरहा की मृत्यु के चार महीने बाद गत आठ सितंबर को सरधना सीएचसी में कोरोना वैक्सीन लगा दी गई। इसके लिए बाकायदा उसका रजिस्ट्रेशन किया गया। आधार कार्ड नम्बर भी लिखा गया। वैक्सीन लगने के बाद उसका प्रथम डोज लगने का प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया। इसके बाद मृत फरहा के भाई वसीम के मोबाइल नम्बर पर वैक्सीनेशन सफलतापूर्वक होने का मैसेज पहुंचा। मैसेज में बहन का नाम देखकर वह हैरान हुआ।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं विभागीय अधिकारी

सीएचसी पहुंचकर मृतका के भाई ने छानबीन की तो पता चला कि उसकी बहन को वैक्सीन लगाना बताया गया है। सीएचसी कर्मचारियों से इसकी जानकारी चाही तो उन्होंने समय न होने की बात कहकर उसे चलता कर दिया। इस बारे में विभागीय अधिकारी भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। वे भी इस मसले पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

दोषी पर होगी कार्रवाई

सीएचसी प्रभारी सरधना डॉक्टर अमित कुमार त्यागी का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है। इस पूरे प्रकरण में सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि मामले की जांच करवाई जाएगी जो भी कर्मचारी या चिकित्सक दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसकी लापरवाही के कारण ऐसा हुआ कि बिना जांच पड़ताल किए किसी मृत को कैसे वैक्सीन लगा दी गई। अगर यह चूक हुई भी तो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

BY: KP Tripathi

Published on:
Also Read
View All
नीला ड्रम कांड में नया मोड़, सौरभ के भाई को कार से कुचलने की कोशिश, राहुल ने मुस्कान पक्ष पर लगाया हत्या की साजिश का आरोप

मेरठ: घर में मिलीं पीहू की किताबें और तस्वीरें, हर जगह दिखी मां-बेटी की जोड़ी, सौरभ को भुलाना चाहती थी मुस्कान

Blue Drum Murder Case: ‘मुस्कान की बेटियों की परवरिश कौन करेगा’, जानिए क्या है परिवारों का रुख; फांसी के खिलाफ दलीलों पर 30 नवंबर को होगी सुनवाई

कौन हैं IPS कलानिधि नैथानी? गैंगस्टर बदन सिंह बद्दो के बेटे पर 50 हजार का इनाम घोषित करने बाद चर्चा में!

Blue Drum Murder Case: जेल की सलाखों से बाहर निकलेगी नीले ड्रम वाली मुस्कान की बेटी, राधा को गोद लेगा ये इन्फ्लुएंसर; जानिए पूरा मामला