सीएचसी प्रभारी सरधना डॉक्टर अमित कुमार त्यागी का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है।
मेरठ. स्वास्थ्य विभाग को कोरोना का इतना खौफ सता रहा है। विभाग को लगता है कि मृत लोगों से भी कोरोना फैल सकता है इसलिए मृतकों को भी मेरठ में वैक्सीन लगाई जा रही है। जिले में ऐसा ही कारनामा सीएचसी सरधना में किया गया। जहां पर चार महीने पूर्व मृत युवती को कोविड वैक्सीन लगा दी गई। मृत युवती को वैक्सीन लगाने के बाद विभाग ने बकायदा इसकी जानकारी उसके भाई के मोबाइल पर मैसेज भेजकर दी।
सरधना सीएचसी का कारनामा
भाई के मोबाइल पर मैसेज पहुंचा तो उसे ज्ञात हुआ कि उसकी मृतक बहन को भी कोविड वैक्सीन लगाई जा चुकी है। सरधना सीएचसी का कारनामे का खुलासा होने के बाद विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई है। जिम्मेदार अधिकारी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
ये है पूरा मामला
जिले के सरधना थाना क्षेत्र के मोहल्ला सराय अफगनान निवासी फरहा पुत्री अख्तर का चार माह पूर्व बीमारी के चलते देहांत हो चुका है। उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी नगर पालिका से जारी हो चुका है। युवती फरहा की मृत्यु के चार महीने बाद गत आठ सितंबर को सरधना सीएचसी में कोरोना वैक्सीन लगा दी गई। इसके लिए बाकायदा उसका रजिस्ट्रेशन किया गया। आधार कार्ड नम्बर भी लिखा गया। वैक्सीन लगने के बाद उसका प्रथम डोज लगने का प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया। इसके बाद मृत फरहा के भाई वसीम के मोबाइल नम्बर पर वैक्सीनेशन सफलतापूर्वक होने का मैसेज पहुंचा। मैसेज में बहन का नाम देखकर वह हैरान हुआ।
जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं विभागीय अधिकारी
सीएचसी पहुंचकर मृतका के भाई ने छानबीन की तो पता चला कि उसकी बहन को वैक्सीन लगाना बताया गया है। सीएचसी कर्मचारियों से इसकी जानकारी चाही तो उन्होंने समय न होने की बात कहकर उसे चलता कर दिया। इस बारे में विभागीय अधिकारी भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। वे भी इस मसले पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
दोषी पर होगी कार्रवाई
सीएचसी प्रभारी सरधना डॉक्टर अमित कुमार त्यागी का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है। इस पूरे प्रकरण में सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि मामले की जांच करवाई जाएगी जो भी कर्मचारी या चिकित्सक दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसकी लापरवाही के कारण ऐसा हुआ कि बिना जांच पड़ताल किए किसी मृत को कैसे वैक्सीन लगा दी गई। अगर यह चूक हुई भी तो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
BY: KP Tripathi