मेरठ

अब नहीं हाेगी शवों की अदला-बदली, ट्रांसपेरेंट बॉडी कवर में रखे जाएंगे कोरोना से मरने वालों के शव

मेरठ मेडिकल में कई बार बदला जा चुका है कोरोना मरीजों का शव शव की अदलाबदली और लापरवाही के बाद जिलाधिकारी ने दिए निर्देश अचानक देर रात मेडिकल कॉलेज पहुंचे नए जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

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Sep 14, 2020
Corona virus

मेरठ ( Meerut ) कोराना ( COVID-19 ) राेगियों के शव ( ded body ) की अब ट्रांसपेरेंट बॉडी कवर में रखे जाएंगे। मेरठ मेडिकल में कई बार शवों की अदला-बदली हाेने के बाद यह निर्णय किया गया है।

नवनियुक्त जिलाधिकारी ( dm meerut ) के-बालाजी ने चार्ज संभालने के बाद देर रात एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दाैरान उन्हाेंने कोरोना रोगियों को बेहतर उपचार दिए जाने और उनकी निरंतर सेवा के साथ निगरानी के निर्देश दिए। अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों की जानकारी ली और आदेश दिए कि अब शवों के निस्तारण के लिए अब ट्रांसपेरेंट बॉडी कवर का इस्तेमाल हाेगा। उन्हाेंने कहा कि इससे पूर्व में मेडिकल कॉलेज में प्रकाश में आई गलतियों की पुनरावृत्ति नहीं हाेगी।

जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद डेमोंसट्रेशन सेंटर में मेडिकल सुपरिटेंडेंट उप प्रधानाचार्य व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बेड की उपलब्धता ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता आदि की जानकारी ली तथा सीसीटीवी कैमरे से की जा रही मॉनिटरिंग को परखा। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों की मृत्यु हो जाती है उनकों ट्रांसपेरेंट बॉडी कवर में रखा जाए। जिस पर कोरोना वार्ड प्रभारी डॉ सुधीर राठी ने बताया कि ट्रांसपेरेंट बॉडी कवर लेने के प्रयास किए जा रहे हैं साथ ही जिला अधिकारी ने उपस्थित डॉक्टरों से मरने वालों की रिपाेर्ट मांगी और ऐसे मामलों में लक्षण के बारों में जानकारी मांगी। इस दाैरान कोरोना वार्ड प्रभारी डॉ राठी ने बताया कि अधिकतर मृत्यु मरीज के भर्ती होने के 48 घंटे के अंदर ही हुई हैं। ऐसे मामले जो भर्ती होने के समय ही गंभीर हाेते हैं उनमें माैत हाेने की आशंका अधिक रहती है। उन्हाेंने कहा कि डॉक्टरों की टीम निरंतर व सतत प्रयास मृत्यु रोकने कर रही है।

डॉक्टर सुधीर राठी ने बताया कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में 142 कोरोना मरीज भर्ती हैं। जिलाधिकारी ने प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना मरीजों के इलाज के बारे में पूछे जाने पर डॉक्टर सुधीर राठी ने बताया कि इस संदर्भ में मेडिकल कॉलेज में सुभारती मेडिकल कॉलेज से एक एमओयू साइन किया है। जिला अधिकारी ने कोरोना के अतिरिक्त अन्य मरीजों के इलाज के संदर्भ में पूछे जाने पर डॉक्टर सुधीर राठी ने बताया कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी, सेमी इमरजेंसी ओपीडी संचालित हैं।

Updated on:
14 Sept 2020 11:06 am
Published on:
14 Sept 2020 10:56 am
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