
आखिरकार 9 साल तक अदालत में चले दुष्कर्म के मुकदमे में आज पीड़िता को न्याय मिल गया। अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम रामकिशोर पांडेय ने दुष्कर्म के दोषी अध्यापक प्रेमप्रकाश को 14 साल का कारावास और 21 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
2013 में दर्ज हुआ था मुकदमा
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र चौहान व कुलदीप मोहन के मुताबिक वादी ने वर्ष 2013 में जिले के थाना परतापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि वादी की नाबालिग बहन कक्षा 10 की छात्रा थी। वह रिठानी निवासी प्रेमप्रकाश के पास ट्यूशन पढ़ने जाती थी। इसी बीच उसने किशोरी से दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ब्लैकमेल कर छात्रा से दुष्कर्म करने लगा।
ब्लैकमेल से तंग आकर छात्रा ने पिया था तेजाब
दुष्कर्मी अध्यापक की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर पीड़ित छात्रा ने तेजाब पी लिया था। तबीयत बिगड़ने पर छात्रा ने परिजनों को आपबीती सुनाई। पुलिस ने छात्रा के बयान के आधार पर प्रेमप्रकाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अदालत में सरकारी वकील ने सुनवाई के दौरान 10 गवाह पेश किए। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अध्यापक को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया। सजा सुनाए जाने के बाद पीड़ित छात्रा के परिजनों ने खुशी व्यक्त की है। पुलिस ने आरोपी अध्यापक को हिरासत में ले लिया।