Highlights - एसिड अटैक पीड़िता और हाई डिपेंडेंट दिव्यांगजन को दी जाएगी कोविड-19 वैक्सीन- किसी भी सरकारी और निजी अस्पताल में जाकर करवा सकेंगे पंजीकरण- मानसिक रोग पीड़ितों को भी दी जाएगी वैक्सीन
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. कुछ दिन कोरोना वायरस (Coronavirus) की रफ्तार रूकने के बाद अब यह फिर से सिर उठाने लगा है। बढ़ते खतरे के मददेनजर अब दिव्यांगों और एसिड अटैक पीड़ितों को वैक्सीन देने के निर्देश जारी हुए हैं। इसके तहत हाई डिपेंडेंट दिव्यांगजन और ऐसे एसिड अटैक के पीड़तों, जिनकी सांस नली इत्यादि क्षतिग्रस्त हो गई हों, उन्हें वैक्सीन दी जाएगी। इसके अतिरिक्त अब मानसिक रोग पीड़ितों, नेत्रहीनों और बधिरों को भी कोविड-19 वैक्सीन (Covid 19 Vaccine ) लगाने का निर्देश जारी हुआ है। यह सभी लोग अपना दिव्यांग सर्टिफिकेट दिखाकर कोविन पोर्टल पर, आरोग्य सेतु एप पर या फिर किसी कॉमन सर्विस सेंटर में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। वहीं, जो लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने में समर्थ नहीं हैं, किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में जाकर आसानी से काउंटर पर पंजीकरण कराने के बाद वैक्सीन लगवा सकेंगे।
पहले सिर्फ स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और 45 से 59 वर्ष तक के असाध्य रोगियों का ही वैक्सीनेशन किया जा रहा था। मगर, अब वैक्सीनेशन में दायरा बढ़ाए जाने से नेत्रहीन, बधिर, मानसिक रूप से दिव्यांग और एसिड अटैक पीडि़त भी वैक्सीन लगवा सकेंगे।
दिव्यांगों को टीका लगना बहुत जरूरी
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि ऐसे दिव्यांगों का टीकाकरण बहुत जरूरी था। अन्यथा कोरोना वायरस के खिलाफ मजबूत चेन नहीं बन सकती थी और दोबारा यह संक्रमण फैल सकता था। सरकार ने जो कदम उठाया है, वह स्वागत योग्य है। इससे दिव्यांग भी कोरोना के खिलाफ खुद को सुरक्षित और मजबूत बना सकेंगे।
अब 20 गंभीर बीमारियों के मरीजों को लगेगी वैक्सीन
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम कहते हैं कि केंद्र सरकार ने पहले सिर्फ पांच गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को ही वैक्सीन देने का ऐलान किया था, लेकिन अब यह संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गई है। इससे ज्यादातर असाध्य रोगी वैक्सीनेशन अभियान में कवर हो रहे हैं।