मेरठ

Ganesh Chaturthi 2022 : जड़ी बूटी अर्क, पांच नदियों के जल से बनी गणेश मूर्ति की धूम, खासियत जान हो जाएंगे हैरान

Ganesh Chaturthi 2022 पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते सभी तीज त्योहारों पर भी प्रतिबंध था। इस बार हालांकि कोरोना संक्रमण खत्म तो नहीं हुआ। लेकिन कोरोना प्रोटोकाल में कुछ राहत मिली तो त्यौहारों को भी लोग उत्साह से मना रहे हैं। गणेश महोत्सव बुधवार 31 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस बार गणेश महोत्सव की तैयारी में मेरठवासी पूरी श्रद्धाभाव के साथ जुटे हैं। बाजार में जड़भ् बूटियों के अर्क और पांच नदियों के जल और मिटटी से बनी गणेश प्रतिमा की धूम है।

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Aug 30, 2022
Ganesh Chaturthi 2022 : जड़ी बूटियों के अर्क और पांच नदियों के जल और मिटटी की बनी इन गणेश मूर्ति की खासियत जान हो जाएंगे हैरान

Ganesh Chaturthi 2022 Ganesh Chaturthi Pujan पूरा मेरठ इस समय गणेश महोत्सव की तैयारी में जुटा हुआ है। बाजार में गणेश मूर्तियों और पूजा के समान से दुकानें सजीं हुई हैं। बाजार में हर प्रकार की गणेश मूर्ति इस बार मिल रही हैं। वहीं जड़ी बूटियों के अर्क और पांच नदियों केे पानी और मिटटी के मिश्रण से तैयार गणेश बप्पा की खास मूर्ति बाजार में धूम मचा रही है। इस बार सार्वजनिक स्थानों पर गणेश उत्सव के आयोजन पर किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं हैं। ऐसे में हर गली और मोहल्लें के अलावा बाजारों में भी व्यापारिक संगठन गणेश उत्सव की तैयारी कर रहे हैं। मेरठ में मूर्ति के कारीगर राज प्रजापति ने बताया कि इस बार उनके यहां 76 प्रकार के जड़ी बूटियों के अर्क और पांच पवित्र नदियों गंगा, यमुना, शिप्रा, गोदावरी और ब्रहमपुत्र के पानी और मिटटी से बनी मूर्ति आई है।

उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं इन मूर्तियों को बनाते समय मंत्र उच्चारण भी किया गया है। राज प्रजापति ने बताया कि ये मूर्तियां विशेष रूप से नासिक और कोलकाता से लाई गई हैं। शास्त्रोक्त और इको फ्रेंडली ये विशेष प्रकार की मूर्तियां घर के वातावरण को भी बीमारी के कीटाणु से मुक्त करेंगी,ऐसा दावा उन्होंने किया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की मूर्तियों को दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में विशेष रूप से तैयार किया जाता है। मेरठ में भी इस बार जड़ी बूटियों के अर्क से बनी गणेश मूर्तियां मिल रही हैं।

ये है मूर्तियों का दाम
76 प्रकार के जड़ी बूटियों के अर्क और पांच प्रकार के पवित्र नदियों के जल और मिटटी से बनी इस मूर्तियों का दाम 500 रुपये से शुरू होकर पांच हजार तक है। ये मूर्तियां पूरी तरह से वातावरण को प्रदूषण मुक्त और कीटाणु मुक्त करने के साथ ही हल्की सी सुगंध वातावरण में छोड़ने वाली हैं। मिटटी की बनी ये मूर्तियां पानी डालते ही स्वतः ही कुछ क्षण में गल जाती हैं। प्रजापति ने बताया कि इस बार इन मूर्तियों की काफी डिमांड हैं। अधिकत लोग इन्हीं मूर्तियों को अपने घर लेकर जा रहे हैं। लोगों केा उम्मीद हैं कि बप्पा विध्न हरने के साथ ही उनके घर से बीमारियों को भी दूर भगा देंगे।

Updated on:
30 Aug 2022 10:23 am
Published on:
30 Aug 2022 10:17 am
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