
Kaal Sarp Dosh Puja in Sawan जातक की कुंडली में कालसर्प दोष हो तो उसको जीवन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए सांप की पूजा का विशेष महत्व होता है। वहीं सावन माह में अगर कालसर्प दोष की मुक्ति के लिए जीवित सांप की पूजा की जाए तो इसका फल कई गुना बढ़ जाता है। इससे काफी हद तक कालसर्प दोष से जहां मुक्ति मिलती है तो वहीं ऐसा करने से भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं। ऐसा पंडितों का मानना है। सावन में कालसर्प दोष की मुक्ति के लिए तरह-तरह के उपाय पंडितों द्वारा बताए जाते हैं। कालसर्प दोष दूर करने के लिए के प्रमुख उपायों में है सावन के महीने में जीवित सांप या फिर नाग-नागिन के जोड़े की पूूजा कर उनको जंगल में छुड़वाना या फिर किसी किसी सूनसान मंदिर में रखवाना।
मेरठ जनपद में करीब 12 गांव ऐसे हैं जहां पर सपेरा जाति के लोग निवास करते हैं। पूरे साल भले ही इन सपेरा समुदाय के लोगों की कोई खोजखबर नहीं लेते हो लेकिन सावन के महीने में इसको दूर—दूर से खोजते हुए लोग पहुंच जाते हैं। कालसर्प दोष को दूर करने के लिए लोग सावन के महीने में इन सपेरों से जीवित सांप की पूजा करवाते हैं फिर इन जीवित सांपों को जंगल में सपेरे के साथ जाकर छोड़ते हैं। सावन के इस महीने में जीवित सांपों की मांग अधिक बढ़ गई है। एक सपेरे ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उसके पास अब तक आठ लोग पूजा करवाने के लिए जीवित सांप की डिमांड कर चुके हैं।
नाग नागिन के जोड़े की मांग अधिक
काल सर्प दोष की मुक्ति के लिए सांप की पूजा करवाने के लिए लोग नाग—नागिन के जोड़ों की अधिक मांग कर रहे हैं। नाग—नागिन के जोड़े की पूजा के लिए लोग दूर—दूर से आ रहे हैं। मवाना रोड और गढ़ रोड स्थित सपेरों के गांव में दिल्ली तक से लोग नाग—नागिन का जोड़ा लेने के लिए आ चुके हैं।