
नितिन नागर की गोली मारकर हत्या कर दी गई (X Photo hindipatrakar)
Meerut Murder Case: मेरठ के हस्तिनापुर में 22 साल नितिन नागर की गोली मारकर हत्या के बाद शनिवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर दिखा। गणेशपुर में परिवार ने नितिन का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। उनका कहना है कि आरोपियों के घर बुलडोजर चलने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। मौके पर हस्तिनापुर विधायक और यूपी सरकार के राज्यमंत्री दिनेश खटीक भी पहुंचे। उन्होंने सड़क पर रखे नितिन नागर के शव के पास बैठकर हाथ जोड़कर परिजनों को समझाने की कोशिश की और पुलिस से इंसाफ की मांग की। नितिन दिल्ली पुलिस की भर्ती की तैयारी कर रहा था।
नितिन अपने दोस्त प्रिंस उर्फ मुकद्दम के विवाद में मारा गया। दो दिन पहले प्रिंस का कॉलोनी के ही रहने वाले मिट्ठू से रास्ते से निकलने को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई थी। मामला थाने पहुंचा, जहां पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया। परिवार का आरोप है कि समझौते के बाद भी दोनों पक्षों में तनाव बना रहा। इसी विवाद के बाद नितिन को निशाना बनाया गया। आरोपी मिट्ठू के पिता शिक्षा विभाग में क्लर्क बताए जा रहे हैं।
बहसूमा माननगर निवासी नितिन शुक्रवार शाम अपने दोस्त प्रिंस के साथ मध्य गंगनहर किनारे दौड़ लगाने गया था। नितिन दिल्ली पुलिस की परीक्षा पास कर चुका था और तीन अक्टूबर को होने वाले फिजिकल टेस्ट की तैयारी कर रहा था। दौड़ लगाने के बाद दोनों बाइक से लौट रहे थे। प्रिंस बाइक चला रहा था और नितिन पीछे बैठा था।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पास दो बाइकों पर सवार करीब छह युवकों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद फायरिंग कर दी गई। दो गोलियां नितिन की जांघ में लगीं। वह सड़क पर गिर पड़ा और तड़पने लगा। अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई।
नितिन किसान सतीश नागर का इकलौता बेटा था। परिवार के मुताबिक, छह महीने पहले ही उसकी शादी हस्तिनापुर निवासी प्रिया से हुई थी। नितिन रोजाना अपने दोस्त प्रिंस के साथ सुबह-शाम दौड़ लगाता था। उसकी छोटी बहन पीएचडी कर रही है। बेटे की मौत की खबर सुनते ही पिता सतीश की भी हालत बिगड़ गई। देर रात उन्हें एप्सनोवा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। नितिन की मौत के बाद परिवार में मातम है।
घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। परिवार का कहना है कि दो दिन पहले हुए विवाद को गंभीरता से लिया जाता तो शायद नितिन की जान बच सकती थी। उस समय दोनों पक्षों को थाने लाया गया था और समझौते के बाद उन्हें बिना कार्रवाई के छोड़ दिया गया था।
जानकारी मिलने के बाद एसपी देहात अभिजीत कुमार और सीओ पंकज लवानिया ने फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। रात से ही हस्तिनापुर में पुलिस बल तैनात है। घटना की गंभीरता को देखते हुए हस्तिनापुर, गंगानगर, इंचौली, मवाना और नौचंदी थाने की पुलिस को भी लगाया गया।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई हैं। एसएसपी मेरठ बीबीजीटीएस मूर्ति ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि 4 टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं। जल्द ही हमलावरों को पकड़ा जाएगा। हत्या की वजह दो दिन पुराना रोडरेज का मामला सामने आया है। आरोपितों की पहचान कर ली गई है। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश डाल रही है।
Updated on:
12 Sept 2026 01:51 pm
Published on:
12 Sept 2026 01:51 pm
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