खास बातें विभाग के वितरण अधिकारी के नाम होगा पैन कार्ड शिकायतों के निस्तारण के लिए हेल्प डेस्क नंबर शुरू
मेरठ। जीएसटी रिटर्न (GST returns) के लिए विभागों को पैन कार्ड (PAN card) बनाना अब अनिवार्य होगा। अब किसी भी विभाग की चापलूसी नहीं चलेगी। इस संबंध में जनपद के विभिन्न विभागों के प्रसार अधिकारियों को जीएसटी वेबसाइट (GST website) पर अपना पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
इन पर नहीं लगेगा टीडीएस
इस संबंध में बैठक बचत भवन में आयोजित की गई। इसमें बताया गया कि जो ठेकेदार ढाई लाख से कम के हैं और उन्होंने एक अक्टूबर 2018 से पहले कोई काम किया है तो उन पर टीडीएस नहीं लगेगा। बैठक में डिप्टी कमिश्नर वाण्ज्यि कर विवेकानन्द शुक्ला ने बताया कि जीएसटी से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 7235001629 जारी किया है। उन्होंने बताया कि किसी भी विभाग को कोई परेशानी है तो वह संबंधित नंबर पर फोन कर सकता है। एडीएम फाइनेंस सुभाष चन्द्र प्रजापति ने कहा कि सभी विभाग अपना पैन कार्ड बनवा लें। आगामी दो सप्ताह में कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा, जिसमें जीएसटी रिटर्न आनलाइन भरना सिखाया जायेगा।
40 लाख का सामान खरीदने पर छूट
डिप्टी कमिश्नर वाण्ज्यि कर विवेकानन्द शुक्ला ने बताया कि जीएसटी में प्रदेश सरकार द्वारा सीमा को बढ़ाते हुए 40 लाख रूपये कर दिया है। यह सीमा उत्तर प्रदेश में समान खरीदने पर ही मान्य होगी। उन्होंने बताया कि अभी तक मात्र 37 प्रतिशत विभाग ही जीएसटी रिटर्न भर रहे हैं। जिस माह में जीएसटी की कटौती की जायेगी उसके अगले माह की 10 तारीख तक रिटर्न भरा जा सकता है। उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि के बाद जीएसटी रिटर्न भरने पर 200 रुपये प्रतिदिन अधिकतम दस हजार रूपये की शास्ति अधिरोपित की जायेगी। जीएसटी एक्ट की धारा 51 के अन्तर्गत टीडीएस काटने का प्रावधान है।