मेरठ

मुस्लिम महिलाओं ने दीये जलाकर संकल्प में की भागीदारी, कहा- एकजुटता से कोरोना से मुक्ति पाने में मिलेगी सफलता

Highlights मेरठ के मुस्लिम इलाकों में भी जलाए गए दीये, मोमबत्ती और मोबाइल टार्च रोशनी करने के साथ-साथ धार्मिक भजन भी सुने, भेदभाव खत्म की अपील मुस्लिम महिलाओं और बच्चों ने इस कार्यक्रम में बढ़चढ़कर की भागीदारी  

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Apr 06, 2020

मेरठ। वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ सामूहिक शक्ति के प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश और प्रदेश के साथ मेरठ के प्रत्येक धर्म के लोग भी रहे। घरों की लाइटें बंद कर मुस्लिम महिलाओं ने थालों में दीये सजाए। इतना ही नहीं मुस्लिम महिलाओं ने दीए जलाकर गायत्री मंत्र भी बोला। इस दौरान धार्मिक गीत भी बजाए गए। मुस्लिम घरों में भी जगमग रोशनी के बीच दीपोत्सव जैसी छटा दिखाई दी।

देश में महामारी के रूप में फैली कोरोना की बीमारी के खात्मे का संकल्प रविवार की रात को जगमग हुआ। जिस तरह से प्रधानमंत्री के अनुरोध पर सभी ने एकजुट होकर कोरोना के योद्धाओं के प्रति कृतज्ञता में ताली, थाली आदि बजाई थी। ठीक उसी प्रकार से रविवार की रात्रि नौ बजे 9 मिनट के लिए धर्मों केे लोग भेद भुलाकर एकजुट हुए और अपने घरों को प्रकाश से रोशन किया। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की सहसंयोजिका शाहीन परवेज ने बताया कि इस वैश्चिक महामारी में हम सबको मजहबी भेदभाव भुलाकर सरकार के साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश में एकजुटता की जरूरत है। एकजुट होकर ही हम कोरोना जैसी महामारी से निजात पा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज सिर्फ उन्होंने ही नहीं बल्कि उनके आसपास रहने वाले तमाम मुस्लिम लोगों ने अपने घरों में दीये जलाए। मुस्लिम लोगों ने दीये जलाने के साथ ही गायत्री मंत्र भी बोला। शाहीन परवेज ने कहा कि उनके घर में बच्चों और अन्य मुस्लिम महिलाओं ने आकर दीए जलाए। दीए जलाने की तैयारी एक घंटे पहले ही शुरू की जा चुकी थी। जैसे ही रात के नौ बजे घरों की लाइटें बंद कर दी गई और दीये जला दिए गए। इस दौरान घरों के कोने-कोने में दीए सजाकर रखे गए। पूरे 9 मिनट तक घर में दीपावली जैसा माहौल रहा। उन्होंने कहा कि ये प्रधानमंत्री की अच्छी पहल है। इससे कोरोना से मुक्ति पाने में सफलता मिलेगी।

Published on:
06 Apr 2020 11:47 am
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