मेरठ में दो अप्रैल को बवाल के बाद अफसरों ने फोर्स के साथ किया पैदल मार्च
मेरठ। दो अप्रैल को दलित समाज के भारत बंद के दौरान मेरठ में हुए बवाल के बाद जिला प्रशासन आैर पुलिस अफसरों का लोगों के बीच बातचीत करने आैर उन्हें समझाने का सिलसिला जारी है। डीएम अनिल ढींगरा आैर लेडी सिंघम एसएससपी मंजिलस सैनी पुलिस अपने अफसरों के साथ पुलिस फोर्स आैर आरएएफ के साथ शहर की सड़कों पर निकले, तो जगह-जगह अफसरों ने लोगों से सख्त के साथ-साथ मार्मिक अपील भी की। यह पैदल मार्च शहर में करीब छह किलोमीटर का रहा।
जनपद को घर समझें, जनपदवासी परिजन
डीएम आैर एसएसपी ने पुलिस, पीएसी व आरएएफ बटालियन के साथ शहर के प्रमुख स्थानों पर पैदल मार्च किया। यह जली कोठी से शुरू हुआ आैर रेलवे रोड चौपला, मेट्रो प्लाजा, ब्रह्मपुरी, भूमिया का पुल, लिसाड़ी गेट, हापुड़ अड्डा, इंदिरा चौक, बुढ़ाना गेट, खैर नगर होते हुए घंटाघर पर सम्पन्न हुआ। इस दौरान डीएम आैर एसएसपी ने कहा कि लोग जनपद को अपना घर आैर सभी जनपदवासियों को घर का सदस्य समझते हुए एक-दूसरे की भावनाआें का मान-सम्मान करें। कोर्इ भी व्यक्ति कोर्इ एेसा काम न करे, जिससे एक-दूसरे की भावनाआें को ठेस पहुंचे। जनपद में धारा 144 लगी है, इसका पालन करना सभी का दायित्व है। इसलिए धारा 144 का उल्लंघन न करें। यदि किसी ने बात नहीं मानी आैर कानून हाथ में लेकर माहौल बिगाड़ेगा, तो उसको किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा। इसलिए कोर्इ भी व्यक्ति एेसा काम न करे, जिससे जनपद की शांति भंग हो।
अफवाह पर ध्यान न दें
डीएम आैर एसएसपी ने कहा कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। किसी भी अफवाह की पुष्टि के लिए अफसरों से सम्पर्क करें। यदि भ्रामक सूचना देने वाला संदिग्ध लगता है, तो अफसरों को बताएं। पैदल मार्च में सिटी मजिस्ट्रेट एमपी सिंह, एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी, एसपी क्राइम शिवराम यादव, सीआे दिनेश शुक्ला व अन्य अफसर शामिल रहे।