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2 अप्रेल को भड़की हिंसा के बाद अब भाजपा नेताओं को सता रहा ये डर

एडीजी से मिलकर जताई चिंता। बोले अगर नहीं किया गया ये काम तो फिर खराब हो सकता है माहौल

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मेरठ

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Rahul Chauhan

Apr 06, 2018

bjp

मेरठ। जिले में 2 अप्रेल को भारत बंद के दौरान भड़की व्यापक हिंसा के बाद से पुलिस-प्रशासन अभी उसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। वहीं भाजपा नेताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में फिर से इस तरह की घटना होने का डर सता रहा है। इसको लेकर भाजपा विधायकों ने मेरठ जोन के कमिश्नर डा. प्रभात कुमार व एडीजी प्रशांत कुमार से मिलकर चिंता व्यक्त की।

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विधायकों ने देहात के इलाकों में शहर जैसी घटनाएं दुबारा न हों इसके लिए कमिश्नर और एडीजी से सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने का आग्रह किया। साथ ही कमिश्नर और एडीजी ने भी उन्हें भरोसा दिलाया है कि अब सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था कर दी गई है। सभी क्षेत्रों में पुलिस, प्रशासन सतर्क है।

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भाजपा जिलाध्यक्ष शिव कुमार राणा, विधायक सत्यवीर त्यागी, दिनेश खटीक, जितेन्द्र सतवाई और डा. सोमेन्द्र तोमर कमिश्नरी पहुंचे। सभी ने कमिश्नर से मिलने की बात कही। कानून-व्यवस्था का मामला होने के कारण कमिश्नरी में ही एडीजी को भी बुला लिया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष और विधायकों ने कहा कि 2 अप्रेल को जो हिंसा हुई वह काभी दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार सबका साथ, सबका विकास के लिए काम कर रही है।

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वहीं सपा, बसपा के लोग गांवों में गलत प्रचार करा रहे हैं और लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। लोगों को यह कहकर बरगलाया जा रहा है कि भाजपा सरकार आरक्षण खत्म कर रही है। विधायकों ने कहा कि शहर के साथ ही अब देहात में भी पुलिस की सक्रियता बढ़ानी जरुरी है। साथ ही 2 अप्रेल की घटना में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई हो, लेकिन किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। योजनाबद्ध षड्यंत्र करने वालों पर पुलिस सख्त से सख्त कार्रवाई करे।

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कमिश्नर और एडीजी ने कहा कि दो अप्रैल को शुरू में बवाल किया गया। उसके बाद से पुलिस, प्रशासन लगातार हरकत में है। दोषियों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। विधायकों के अनुरोध पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुलिस गश्त बढ़ाने व असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने का आश्वासन दिया गया है।

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