मेरठ में काली नदी को बचाने की मुहिम में नदी प्रेमियों के साथ प्रशासन भी जुट गया है। काली नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पदयात्रा की गई।
अंतरराष्ट्रीय नदी कार्यवाही दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने मवाना क्षेत्र के ग्राम सैनी से पूर्वीकाली नदी किनारे पदयात्रा शुरू की।
बता दें सरधना नगर पालिका के अन्तर्गत गोबर की समस्या से यह नदी काफी दूषित हुई है। जिसके लिए एसटीपी लगाए जाने के लिए जमीन का चयन किया जा चुका है। भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है।
इस दौरान पर्यावरणविद नवीन प्रधान के अलावा नदी प्रेमी रमन कांत उपस्थित रहे।
मेरठ जिलाधिकारी दीपक मीणा के नेतृत्व में सभी ने हाथों में काली नदी बचाओ स्लोगन लिखी तख्ती ली हुई थी।
इस दौरान काली नदी को बचाने की मुहिम के नारे लगाते हुए सभी ने कदम से कदम मिलाते हुए 1000 कदम की दूरी तय की।
काली नदी को बचाने का संदेश के साथ ये पदयात्रा मवाना क्षेत्र के ग्राम सैनी से पूर्वीकाली नदी किनारे की गई।
काली नदी और हिण्डन नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जिलाधिकारी, मेरठ एवं मुख्य विकास अधिकारी ने इंटरनेश्नल डे ऑफ एक्शन फॉर रिवर्स के नाम से मुहिम शुरू की है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने काली नदी पर बन रहे चेकडैम का निरीक्षण किया।