विश्व महिला दिवस के अवसर पर आज बाईपास स्थित एक बैंकेट हाल में महिला प्रतिभा कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें होली के मौके पर भी प्रतिभाशाली महिलाओं ने हिस्सा लिया।
आज 21सदी में कई ऐसे मंच हैं। जिनके प्रयास से हर कोने से महिलाएं खुद को सफल बना रही है। इनमें से एक है "द इंटरनेशनल ग्लैमर प्रोजेक्ट"। जो उन महिलाओं को मौका दे रहा है जहां तक पहुंचने का लोग केवल सपना देखते हैं या तो उनके सोच से बिलकुल परे होता हैं।
यह उन महिलाओं के अंदर पर्सनेलिटी डवलपमेंट से लेकर उन्हें मॉडलिंग करने हेतु उचित ट्रेनिंग करवाती है। यहां एक तरह से ऐसी शिक्षा प्रदान की जाती हैं जहा ये अपने हुनर को निखार सके। टीन, मिस, मिसेस इंडिया प्रतिभागी महिलाओं को अच्छी ट्रेनिंग के साथ साथ मॉडल फोटोशूट, ब्रांड अनुमोदन प्रदान करती जो की छोटे कस्बों छोटे गांव के महिलाओं के लिए एक बेहतर मंच हैं।
डॉ स्वरूप द्वारा स्थापित "द इंटरनेशनल ग्लैमर प्रोजेक्ट" सभी छोटे बड़े शहर से आने वाली महिलाओं के लिए बेहतरीन प्लेटफार्म है। आज महिलाएं समय के साथ आगे बढ़ रहीं हैं आज की महिलाएं भेदभाव नहीं बल्कि समान अधिकार की सोच के साथ बढ़ रही हैं।
खासकर देश के कोने कोने से महिलाओं में स्वतंत्र सोच की भावना देश के बदलाव के लिए बेहद जरूरी हैं। पहले के समय हम ये देखते थे की शहर की लड़किया परिपूर्ण सुविधा और मंच होने के कारण अपनी प्रतिभा को लोगो तक पहुंचा पाती थी।
छोटे गांव और कस्बों की महिलाओ के लिऐ यह केवल उनके जहन में सपना बनकर रह जाता था। डा. स्परूप पुरनिक ने महिलाओं को आगे आने के लिए कहा और उनके भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का अवसर दिलाने की बात कही।