मेरठ

हस्तिनापुर उत्खनन के दौरान मिला मौर्य काल का यंत्र,बर्तन भांड,ब्राहृी भाषा में लिखा ये शब्द

हस्तिनापुर में महाभारत कालीन पांडव टीले के उत्खनन का कार्य काफी दिनों से चल रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने यहां पर डेरा डाला हुआ है। पहले भी इस टीले के उत्खनन के दौरान महाभारत कालीन कई अवशेष मिल चुके हैंं। उत्खनन के दौरान बर्तन और भांड भी मिले हैं।

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Feb 20, 2022
हस्तिनापुर उत्खनन के दौरान मिला मौर्य काल का यंत्र,बर्तन भांड,ब्राहृी भाषा में लिखा ये शब्द

महाभारत समय के पांडव टीले पर कई दिनों से लगातार उत्खनन का कार्य चल रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की टीम को शुक्रवार को उत्खनन के दौरान एक यंत्र प्राप्त हुआ। जिस पर ब्राह्मी भाषा में शौझ लिखा हुआ है। मौर्य काल में इस यंत्र का उपयोग मिट्टी के बर्तन बनाने औजार के रूप में प्रयोग करते थे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मेरठ पुरातत्व मंडल की टीम द्वारा पांडव टीले पर उत्खनन किया जा रहा है। यहां प्राप्त होने वाले प्रत्येक अवशेष को संग्रहीत किया जा रहा है। जिसके लिए मिट्टी को बारीक छलनी में छाना जा रहा है। जो अवशेष प्राप्त होता है उसे साफ कर अलग-अलग कर रख दिया जाता है। अब एक नए स्थान पर भी उत्खनन के लिए ट्रेंच बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

स्थापित होगी प्रयोगशाला, संग्रहालय की जमीन चिह्नित

शीघ्र ही यहां पर प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जिसमें परीक्षण कर अवशेषों की कार्बन डेटिग से प्राचीनता की जांच की जाएगी। वहीं राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए जमीन की तलाश कर ली गई है बस उस पर मुहर लगनी बाकी है। यह साइट पांडव टीले के बिल्कुल समीप होगी। एसडीएम मवाना अमित कुमार गुप्ता ने बताया कि पांडव टीले के समीप ही राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने के लिए जमीन की तलाश तेज कर दी गई है।

एएसआइ के अधीक्षण पुरातत्वविद डीबी गड्नायक ने बताया कि यहां पर उत्खनन के दौरान बहुत सी ऐसी चीजें मिली हैं। जिनको जांच के लिए भेजा गया है। हालांकि प्राप्त अवशेष महाभारत कालीन ही हैं। इसकी पुष्टि हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि अभी उत्खनन का कार्य जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्खनन कार्य में अभी और बहुत कुछ बाहर आ सकता है। जिससे महाभारत के इतिहास और उस दौरान रहन सहन को जानने के बारे में जानकारी मिलेगी।

Published on:
20 Feb 2022 10:14 am
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