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‘बच्चों की जगह मेरी जान ले लो…’ नदीं डूबे बच्चों की मांओं का हाल बेहाल, दादी के अंतिम संस्कार में गए भाईयों की मौत

मेरठ के हस्तिनापुर गंगा घाट पर चार चचेरे भाई नहाते समय गहरे पानी में डूब गए। सभी जलालपुर गांव से दादी के अंतिम संस्कार में आए थे।

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मेरठ

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Anuj Singh

Apr 04, 2026

दादी के अंतिम संस्कार में आए 4 भाइयों की मौत

दादी के अंतिम संस्कार में आए 4 भाइयों की मौत

Meerut News: मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव में एक ही परिवार के चार चचेरे भाई गंगा नदी में डूब गए। चारों युवक एक साथ नहाने गए थे और गहरे पानी में फंस गए। हादसा शुक्रवार को दोपहर करीब 3:30 बजे हस्तिनापुर के मखदूमपुर गंगा घाट पर हुआ। चारों भाई 100 वर्षीय दादी भगवती देवी के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे। अंतिम संस्कार के बाद वे नहाने के लिए गंगा नदी में उतरे। नहाते समय सभी गहरे पानी में चले गए और लहरों में बह गए।

कौन-कौन डूबे?

डूबने वाले चारों भाई जलालपुर गांव के किसान कमल सिंह सैनी के परिवार के हैं।

  • अभिषेक (21 वर्ष) – एलएलबी का छात्र
  • हिमांशु (17 वर्ष) – दसवीं का छात्र
  • दीपांशु (17 वर्ष) – बारहवीं का छात्र
  • प्रियांशु (15 वर्ष) – दसवीं का छात्र

ये चारों चचेरे भाई हैं। अभिषेक और हिमांशु कमल सिंह सैनी के बेटे हैं, जबकि दीपांशु और प्रियांशु उनके छोटे भाई सोनू के बेटे हैं। एक अन्य परिजन प्रदीप भी उनके साथ नहाने गए थे। स्थानीय लोगों ने प्रदीप को किसी तरह बाहर निकाल लिया, लेकिन चारों भाई लहरों में गायब हो गए।

सर्च ऑपरेशन

देर रात तक पुलिस, पीएसी और गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन चलता रहा। मवाना सीओ पंकज लवानिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गोताखोरों ने गंगा नदी में काफी प्रयास किए, लेकिन देर रात तक चारों का कोई सुराग नहीं मिल सका। सर्च ऑपरेशन शनिवार सुबह भी जारी था।

परिवार और गांव पर छाया शोक

जलालपुर गांव में इस हादसे के बाद हर घर शोक में डूब गया है। चारों भाइयों के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अभिषेक और हिमांशु की मां बिजेंद्री बार-बार अपने बेटों के कपड़ों को सीने से लगाकर बेसुध हो रही हैं। सोनू की पत्नी मुनेश का विलाप सुनकर आसपास के लोग भी फूट-फूटकर रो रहे हैं। मुनेश बार-बार चीख-चीखकर कह रही हैं कि गंगा मैया मुझे ले जाओ, मेरे बच्चों को लौटा दो। चारों भाई पढ़ाई में बहुत होनहार थे। उनकी छोटी बहन प्रियांशी ने बताया कि सभी भाई अच्छे छात्र थे और परिवार की उम्मीदें उन पर टिकी हुई थीं। दो सगे भाइयों के परिवार एक साथ दो-दो बेटे खो बैठे हैं।

इलाके में फैला मातम

यह हादसा पूरे इलाके में गम और दुख की लहर पैदा कर गया है। ग्रामीण कह रहे हैं कि अंतिम संस्कार के शुभ अवसर पर इस तरह का दुर्घटना होना बेहद दुखद है। पुलिस और प्रशासन ने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। गंगा घाट पर सुरक्षा के इंतजामों पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिवार अब अपने चारों बेटों की तलाश में पूरी रात जाग रहा है और ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है कि चारों सुरक्षित मिल जाएं।