Highlights मेरठ के कासमपुर में डिस्टलरी फैक्ट्री से चल रहा था अवैध धंधा आबकारी विभाग की महिला इंस्पेक्टर पर बिकवाने का आरोप दो लीटर कोल्ड ड्रिंक की बोतल लोगों को बेचते थे 500 रुपये में
मेरठ। लॉकडाउन में शराब के ठेके क्या बंद हुए अब सीधी डिस्टलरी फैक्ट्री से शराब की सप्लाई शुरू हो गई है। वह भी अंग्रेजी शराब बनाने वाली डिस्टलरी फैक्ट्री से। ये डिस्टलरी कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के कासमपुर गांव में स्थित है। आरोप है कि यहां पर तैनात आबकारी विभाग की महिला इंस्पेक्टर चपरासी के माध्यम से यह काम करवा रही थी। पुलिस ने चपरासी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है।
कासमपुर गांव स्थित अंग्रेजी शराब बनाने वाली डिस्टलरी से कोल्डड्रिंक की बोतल में अवैध रूप से शराब बेचने का सनसनीखेज खुलासा किया। पुलिस का दावा है कि फैक्ट्री में तैनात आबकारी विभाग की महिला इंस्पेक्टर एक चपरासी से यह काम करवा रही थी। कंकरखेड़ा पुलिस ने 22 मार्च को 550 लीटर शराब कासमपुर गांव से बरामद करते हुए प्रेम कुमार और कपिल को गिरफ्तार किया था। तीसरा आरोपी रिद्धि फरार चल रहा था। इसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसने पुलिस की पूछताछ में बताया कि फैक्ट्री का चपरासी सुभाष दो लीटर की कोल्ड ड्रिंक की बोतल में शराब भरकर बाहर लाता था और पांच सौ रुपये में बेच देता था। रिद्धि की निशानदेही पर सुभाष निवासी श्रद्धापुरी की गिरफ्तारी हुई। उसने बताया कि यह काम आबकारी इंस्पेक्टर करवाती थी।
पकड़े गए युवक सुभाष के अनुसार दो लीटर शराब बेचने पर पांच सौ रुपये मिलते थे। इसमें 400 रुपये इंस्पेक्टर को जाते थे और 100 रुपये वह खुद रखता था। उसने हर रोज डिस्टलरी से करीब सौ लीटर शराब अवैध तरीके से बेचने की बात कुबूली है। उसने बताया कि शराब की डिलीवरी वह बाहर बने खोखे से करता था। वह शाम को शराब बाहर खोखे पर रखकर आता था। जब ग्राहक आते थे तो वह वहां जाकर पैसे लेकर बोतल दे देता था। इस बारे में सीओ दौराला जितेन्द्र सरगम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पकड़े गए आरोपी ने बताया है कि महिला अधिकारी के माध्यम से शराब बाहर लाकर बेच रहा था। इसकी जांच की जा रही है।