मेरठ

विदेश की नामी ब्रांडेड कंपनी के नाम पर मेरठ में बन रहा था नकली फूड प्रोटीन

एसटीएफ के सीओ ब्रजेश कुमार ने बताया कि आरोपी की दिल्ली में फैक्ट्री है। वहां पर कई लोग काम करते हैं। करीब पांच साल से वह नकली प्रोटीन बनाकर बेच रहा है।
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Updated: 11 Sep 2021, 1:07 PM IST
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मेरठ. उत्तर प्रदेश पुलिस की STF मेरठ यूनिट द्वारा ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्रांतर्गत कई विदेशी कंपनियों के बॉडी बिल्डिंग सप्लिमेंट प्रोटीन बनाने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने नकली डब्बे, लेबिल, स्टीकर, होलोग्राम आदि से फर्जी तरीके से पैक कर तैयार कर देश के विभिन्न राज्यों में बड़े स्तर पर सप्लाई करने वाले सरगना को भारी मात्रा में माल सहित गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवक का नाम सरताज अल्वी निवासी सकूर नगर ब्रहमपुरी है।

भारी मात्रा में नकली प्रोटीन बरामद

एसटीएफ ने यहां से करीब 5 कुंतल नकली प्रोटीन बरामद किया है। एसटीएफ ने अलग-अलग विदेशी कंपनियों के करीब 5 हजार खाली बैग भी बरामद किए है। इसके अलावा भारी मात्रा में विभिन्न विदेशी कंपनियों के सप्लीमेंट के भरे हुए में पैक्ड डिब्बे भी मिले हैं। एसटीएफ को नकली फैक्ट्री से विभिन्न विदेशी कंपनियों के सप्लीमेंट के हजारों स्टीकर, खाली डब्बे, लेबल, होलोग्राम आदि भी बरामद हुए हैं। इसके अलावा एक एमआरपी व लेबल प्रिंट करने की मशीन भी मिली है।

देश भर में सप्लाई करता था नकली प्रोटीन

पकड़ा गया आरोपी नकली प्रोटीन को ब्रांडेड बताकर पूरे देश में सप्लाई कर रहा था। इन नकली प्रोटीन को बनाने में मानकों का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा था। इससे जहां कंपनियों को नुकसान हो रहा था, वहीं इसका प्रयोग करने वालों की सेहत पर भी प्रभाव पड़ रहा था। शहर में कई जगहों पर नकली प्रोटीन खुलेआम बेचा जा रहा है। यह ब्रांडेड प्रोटीन से काफी सस्ता मिलता है, जिसे खाकर युवक बीमार तक पड़ जाते हैं। कई बार पहले भी ऐसे प्रोटीन बनाने वाले पकड़े जा चुके हैं, लेकिन उन पर अंकुश नहीं लग पा रहा।

बाजार में 60 प्रतिशत है नकली प्रोटीन

बड़े जिम वाले तो असली प्रोटीन ही देते हैं, लेकिन छोटे जिम संचालक और दुकानदार लालच के चक्कर में पड़ जाते हैं। बाजार में करीब 60 प्रतिशत तक माल नकली बेचा जा रहा है। वह खुद भी इसकी शिकायत कई बार कर चुके हैं। लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती है।

करोड़ों की कमाई करते थे आरोपी- सीओ एसटीएफ

एसटीएफ के सीओ ब्रजेश कुमार ने बताया कि आरोपी की दिल्ली में फैक्ट्री है। वहां पर कई लोग काम करते हैं। करीब पांच साल से वह नकली प्रोटीन बनाकर बेच रहा है। लिसाड़ी रोड की दुकान से भी वह सप्लाई करता है। खैरनगर बाजार में भी उसके कई जानकार हैं, जो उससे माल खरीदते हैं। इसके अलावा दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल के अलावा दक्षिण भारत के कई राज्यों में माल की सप्लाई करते थे। इन नकली प्रोटीन से आरोपी करोड़ों रुपये सालाना कमा रहा था। एसटीएफ अब उसके अन्य साथियों के बारे में भी तलाश कर रही है। साथ ही गिरफ्तार किए गए युवक के भी आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है।

BY: KP Tripathi

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